कहा, सपा के झंडे का अपमान करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के कृत्य पर जताया विरोध
बाराबंकी,18 अपै्रल (आरएनएस)। महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासी टकराव खुलकर सामने आ गया। भाजपा नेता और यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने शुक्रवार देर रात विधानसभा के सामने समर्थकों के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सपा और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की और दोनों दलों के झंडे जलाकर विरोध जताया। अपर्णा यादव ने कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण के मुद्दे पर सिर्फ दिखावा कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल कभी नहीं चाहते कि आम घर की महिलाएं आगे बढ़कर संसद तक पहुंचें। उनके मुताबिक, ये दल केवल अपने परिवारवाद को आगे बढ़ाने में लगे रहते हैं और “नारी शक्ति” उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। वहीं भाजपा नेता और राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव द्वारा समाजवादी पार्टी का झंडा और अखिलेश यादव की तस्वीर जलाने पर सपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस कृत्य को लोकतंत्र का अपमान और भाजपा की सोची-समझी साजिश बताया है। शनिवार को मीडिया से बात करते हुए पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप ने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव हमेशा से महिलाओं को अधिकार देने के पक्ष में रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि सरकार को पहले से पता था कि उनके पास दो-तिहाई बहुमत नहीं है, फिर भी उन्होंने दिखावे के लिए बिल पेश किया। बिल गिरने के तुरंत बाद भाजपा नेताओं का तख्ती-बैनर लेकर बाहर आना दर्शाता है कि यह सब पहले से तय था। अपर्णा यादव द्वारा सपा का झंडा और अखिलेश यादव की फोटो जलाने पर गोप ने कड़े शब्दों में कहा कि विरोध करना सबका अधिकार है, लेकिन लाल झंडा गरीब, किसान और नौजवान के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा, जिस झंडे ने आपको पहचान दी, उसे जलाना आपके स्तर को दर्शाता है। यह झंडा श्रद्धेय मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की विरासत है, इसका अपमान कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गोप ने मांग की है कि झंडा और नेता की फोटो जलाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। गौरतलब है कि अपर्णा यादव ने लखनऊ में विधानभवन के सामने सपा और कांग्रेस पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाते हुए झंडा जलाया था। इस घटना ने बाराबंकी सहित पूरे प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ा दी हैं। गोप ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी इस कृत्य की घोर निंदा करती है और जनता ऐसे अपमान करने वालों को सबक सिखाएगी।
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