कोरबा 19 अप्रैल (आरएनएस)। जिले के गेवरा-दीपका क्षेत्र में इन दिनों धूल प्रदूषण ने विकराल रूप ले लिया है, जिससे आमजन का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। कोयला परिवहन में लगे भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के बीच सड़कों पर पानी का छिड़काव नहीं होने से हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। सुबह से लेकर देर शाम तक सड़कों पर धूल का गुबार छाया रहता है, जिससे पूरा क्षेत्र कोहरे जैसी स्थिति में नजर आता है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, पहले संबंधित निजी कंपनियों द्वारा नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जाता था, जिससे धूल पर कुछ हद तक नियंत्रण बना रहता था। लेकिन पिछले कुछ समय से यह व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ गई है। इसके चलते सड़कों से गुजरना तक मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धूल के कारण लोगों में सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, खांसी और एलर्जी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका गंभीर असर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनभर घरों के अंदर तक धूल भर जाती है, जिससे रहन-सहन भी प्रभावित हो रहा है।
क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया है कि शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। वहीं, ट्रकों की अनियंत्रित आवाजाही और ओवरलोडिंग भी समस्या को और बढ़ा रही है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव सुनिश्चित किया जाए, ट्रकों की आवाजाही पर नियंत्रण लगाया जाए तथा धूल प्रदूषण रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि क्षेत्र के लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके।
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