0-सीएम ने दिए केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण के खिलाफ एफआईआर के निर्देश
पूर्व बर्द्धमान/हुगली,19 अपै्रल (आरएनएस)। सीएम ममता बनर्जी ने आज हुगली व पूर्व बर्द्धमान जिले में चार सभाएं की और यहां से केन्द्र की भाजपा नीत सरकार पर जहां जुबानी हमले किए वहीं सीएम ने सवाल खड़े किए। पूर्व बर्द्धमान जिले के कालना में पार्टी प्रार्थी देब प्रसाद बाग के समर्थन में आयोजित जनसभा में कहा कि, ईडी लगभग हर रोज हमारे लोगों के यहां छापे मारती है। अरे भाई, तुम्हें अचानक चुनाव के मौसम में ही यह सब करने की याद क्यों आई? तुम हमारी एजेंसियों (आईपैक) से जो हमारी पार्टी के लिए काम करती हैं से कह रहे हो कि वे तुरंत बंगाल छोड़कर चली जाएं। क्यों? तुम्हारे पास तो ऐसी पचास एजेंसियां हैं। लेकिन हमारे पास ऐसी कोई ताकत नहीं है। हमारे पास तो बस एक ही है। सुनो अगर तुमने उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की, तो वे सीधे मेरी पार्टी में शामिल हो जाएंगे। हम ऐसे लोगों को और नौकरियां देंगे। यह बात अच्छी तरह से गांठ बांध लो। मैं इन नौजवानों में से किसी एक की भी रोजी-रोटी छिनने नहीं दूंगी। मैंने आज सुबह अभिषेक से बात करने के बाद ही यहां आई हूं। मैं यह बात साफ-साफ कह देना चाहती हूं आप यह साजि़श और कितने समय तक चलाते रहोगे? आप और कितना ज़ुल्म ढाओगे? और कितना अन्याय करोगे? और तुम और कितने वोट लूट का इरादा रखते हो? सीएम ममता ने आश्वासन दिया कि उनकी पार्टी के लिए काम करने वाले किसी भी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी और उन्होंने आईपैक के सभी कर्मचारियों के लिए रोजगार सुनिश्चित करने की बात कही। पार्टी ने दोहराया कि उसकी संगठनात्मक संरचना बरकरार है और चुनाव प्रचार गतिविधियां बिना किसी बाधा के जारी रहेंगी।
वहीं हुगली जिले के तारकेश्वर में बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने पीएम मोदी पर राजनीतिक प्रचार के लिए सरकारी मशीनरी का ‘गलत इस्तेमाल’ करने का आरोप लगाया। हुगली जिले के तारकेश्वर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए, ममता ने कहा कि मोदी ने महिला आरक्षण बिल के संबंध में राष्ट्र के नाम अपने संबोधन के जरिए भाजपा का प्रचार किया। हम चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराएंगे।
उधर पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल के बिष्णुपुर में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा- तृणमूल सरकार ने बंगाल की बेटियों को धोखा दिया है। महिलाएं आने वाले विधानसभा चुनावों में इसकी सजा जरूर देंगी। उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल की ममता सरकार नहीं चाहती बंगाल की बेटियां ज्यादा संख्या में सांसद बनें। इसलिए संसद में आरक्षण से जुड़ा कानून पारित नहीं होने दिया। सीएम के तारकेश्वर स्थित विवेकानंद सेवा केंद्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित चुनावी जनसभा में तारकेश्वर के उम्मीदवार रामेंदु सिंहराय, हरिपाल की उम्मीदवार करबी मान्ना और सिंगूर के उम्मीदवार बेचाराम मान्ना भी मौजूद रहे। तीनों विधानसभा क्षेत्रों के तृणमूल उम्मीदवारों के समर्थन में यह संयुक्त सभा आयोजित की गई। इस सभा से सीएम ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को डराया-धमकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो लोग तृणमूल कांग्रेस के लिए काम कर रहे हैं, उन्हें भाजपा की ओर से भय दिखाया जा रहा है। महिला आरक्षण विधेयक पर केंद्र सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि यह वास्तव में महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा विधेयक नहीं, बल्कि परिसीमन से संबंधित एक चाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव से पहले जनता को गुमराह करने के लिए इस तरह के कदम उठा रही है। इसके साथ ही उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की बढ़ती सक्रियता पर सवाल उठाए। ममता बनर्जी ने कहा कि आखिर रोज-रोज ईडी की छापेमारी क्यों हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इन केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर राजनीतिक विरोधियों को डराने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बंगाल की जनता किसी भी तरह के दबाव में नहीं आएगी और इसका जवाब हिंसा से नहीं, बल्कि मतदान के जरिए देगी। कालना में मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बंगाल दौरे के दौरान गैर-कानूनी तरीके से कार्ड बांटे। ऐसे में सीएम ने अब तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं को वित्त मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है। इस प्रकार, ममता बनर्जी ने यह निर्देश जारी किया और कहा कि, वित्त मंत्री यहां आईं और गैर-कानूनी तरीके से कार्ड बांटे। मैं उनके इस काम की निंदा करती हूं। मैं जोर देकर कहती हूं कि चुनाव के समय इस तरह का कार्ड बांटना आचार संहिता का उल्लंघन है। इसलिए, एक एफआईआर जरूर दर्ज होनी चाहिए। जिन लोगों ने ये कार्ड लिए हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि यह सब एक धोखा है।
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