बांकुड़ा (पश्चिम बंगाल),19 अपै्रल (आरएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बांकुड़ा के बरजोरा में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में महिलाएं तृणमूल कांग्रेस को सजा देंगी.
महिला आरक्षण बिल का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस राज्य की महिलाओं को धोखा दे रही है. उन्होंने कहा, तृणमूल महिला सशक्तीकरण या आरक्षण नहीं चाहती. सत्तारूढ़ पार्टी नहीं चाहती कि पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में महिलाएं सांसद या विधानसभा सदस्य के रूप में चुनी जाएं. ऐसा इसलिए है क्योंकि महिलाओं ने तृणमूल के अराजकता के राज (महाजंगलराज) को चुनौती दी है. इसलिए, कांग्रेस के साथ मिलकर तृणमूल ने बिल का विरोध किया. पश्चिम बंगाल की महिलाएं आने वाले चुनावों में तृणमूल को सही सजा देंगी.
प्रधानमंत्री मोदी ने बीजेपी की महिला सशक्तीकरण की राजनीति और तृणमूल के महिलाओं के साथ धोखे के बीच साफ अंतर बताया. उन्होंने कहा, बीजेपी की पहचान महिला सशक्तीकरण और उनकी सुरक्षा से जुड़ी हुई है. हम चाहते हैं कि भारत के विकास में महिलाएं और भी बड़ी भूमिका निभाएं. हम चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं राजनीति में आएं. लेकिन जरा देखिए कि संसद में क्या हुआ. तृणमूल ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल की बहनों के साथ धोखा किया है.
प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा, यह वही तृणमूल है जो आदतन कानून तोड़ती है और गैर-कानूनी घुसपैठ को बढ़ावा देती है. फिर भी, यही लोग महिला सशक्तीकरण का विरोध करते हैं. यह वही पार्टी है जो धर्म के आधार पर आरक्षण के समर्थन में अभियान चलाती है. वे संविधान को कमजोर कर रहे हैं.
मोदी सरकार 16-18 अप्रैल को बुलाए गए संसद के विशेष सत्र में लोकसभा में महिला आरक्षण बिल (संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026) पास नहीं कर पाई, जिसका कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी ने विरोध किया. एनडीए सरकार के कार्यकाल में यह पहली बार हुआ है. केंद्र की एनडीए सरकार ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास करने की कोशिश की थी, जिसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान था. साथ ही लोकसभा में सीटों की कुल संख्या 543 से बढ़कर 816 हो जाती.
17 अप्रैल को लोकसभा में वोटिंग के दौरान, महिला आरक्षण बिल के पक्ष में 298 वोट मिले, लेकिन इसके विरोध में 230 वोट पड़े. बिल पास करने के लिए कुल 352 वोटों की जरूरत थी. नतीजतन, यह बिल पास नहीं हो पाया. इसके बाद, बीजेपी ने कांग्रेस और इंडिया ग्रुप की दूसरी पार्टियों पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाते हुए अभियान शुरू किया है.
पश्चिम बंगाल में विधानसभा की 294 सीटों के लिए 23 और 29 अप्रैल को चुनाव होने हैं, और नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे.
००
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

