नई दिल्ली,19 अपै्रल (आरएनएस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को नारी शक्ति वन्दन अधिनियम संशोधन विधेयक को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि लड़की हूं लड़ सकती हूं का नारा देने वाली कांग्रेस ने इस बिल को गिराकर महिलाओं के हक पर कुठाराघात किया है. पिछले 30 साल से लंबित महिला आरक्षण बिल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित होने के बाद जब इसको लागू करने के लिए संशोधन लाया गया तो विपक्ष की अगुवाई करते हुए कांग्रेस इसको पचा नहीं सकी और इस बिल के विरोध में मतदान करके महिलाओं को देश की नारी शक्ति को माताओं बहनों को मिलने वाले 33त्न आरक्षण से वंचित कर दिया.
मुख्यमंत्री भाजपा प्रदेश कार्यालय में ने आगे कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभा में अभी जो सीटों की संख्या है वह 1971 की जनगणना के आधार पर है. जब 1971 की जनगणना हुई थी तो देश की आबादी 50 करोड़ थी. आज यह आबादी डेढ़ सौ करोड़ के करीब होने जा रही है तो सीटों का निर्धारण बिना जनगणना के नहीं हो सकता. अगर मौजूदा समय में शुरू हुई जनगणना के आधार पर अगर परिसीमन किया जाएगा तो महिलाओं को 2029 के लोकसभा चुनाव में यह आरक्षण नहीं मिल पाता. इसलिए इस संशोधन को करके 2011 की जनगणना के आधार पर महिला आरक्षण को 2029 के लोकसभा चुनाव में लागू करने की कोशिश की गई.
दिल्ली सीएम ने कहा लेकिन, कांग्रेस ने अपना महिला विरोधी चेहरा दिखाते हुए यह साबित कर दिया कि वह महिलाओं को आगे नहीं बढऩे देना चाहती. सरकार ने 3 दिन का संसद का विशेष सत्र बुलाकर के इस बिल को पारित कराने की कोशिश की. लेकिन विपक्ष ने संसद का यह 3 दिन का समय भी खराब कर दिया. कांग्रेस और संपूर्ण विपक्ष की करतूत को देश की माताएं बहने और जनता देख रही है. वह इन्हें चुनाव में मुंह तोड़ जवाब देगी. उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में पारित हो गया था. लेकिन इसे 2029 के लोकसभा चुनाव में लागू करने के लिए संशोधन लाने की जरूरत पड़ रही थी. वह संशोधन करने का प्रयास केंद्र सरकार ने किया जिस पर विपक्ष ने पानी फेर दिया.
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