भोपाल 19 अप्रैल (आरएनएस)। छोला मंदिर इलाके में एक एलपीजी टैंकर दीवार तोड़ते हुए एक घर में जा घुसा, जिससे वहां सो रही 7 साल की मासूम बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके माता-पिता और भाई गंभीर रूप से घायल हैं। घटना शनिवार रात की है।
पुलिस ने टैंकर को कब्जे में ले लिया है। आरोपी ड्राइवर घटना के बाद से फरार है। टैंकर की चपेट में आने से दो अन्य मकानों में भी नुकसान हुआ है। घायलों का इलाज भानपुर के प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है।
पुलिस के मुताबिक, हादस के समय मोहल्ले के अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। अचानक तेज धमाके और चीख-पुकार से पूरा इलाका दहल उठा। बताया जा रहा है कि टैंकर तेज रफ्तार में था और चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद टैंकर सीधे बस्ती में जा घुसा।
बताया जा रहा है कि बच्ची एक घंटे तक पहिये के नीचे ही दबी रही। बाद में पुलिस की मौजूदगी में बॉडी को बाहर निकाला जा सका।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। घटना की सूचना मिलते ही छोला मंदिर और निशातपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। गंभीर रूप से घायल बच्चों को एंबुलेंस के जरिए पीपल्स अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। साथ ही वाहन की तकनीकी जांच भी की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हादसे के समय वाहन की स्थिति क्या थी और कहीं कोई तकनीकी खराबी तो नहीं थी।
लोगों ने आरोपी ड्राइवर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीडि़त परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मौके का जायजा लिया है और घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। यह हादसा एक बार फिर शहर में भारी वाहनों की लापरवाही और रिहाइशी इलाकों में उनकी अनियंत्रित आवाजाही पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
घटना को लेकर एसीपी अक्षय चौधरी ने बताया कि हादसे में एक मासूम बच्ची खुशी गेहार (7) की मौत हो गई, जबकि उसके पिता मोनू गेहार, मां मनीषा गेहार, भाई आरुष और तूटे घायल हैं।

