रांची 21 अप्रैल (आरएनएस)। झारखंड की राजधानी रांची स्थित प्रभात तारा मैदान में 16 से 19 अप्रैल तक आयोजित चार दिवसीय प्रार्थना महोत्सव ने एक नया इतिहास रच दिया। इस भव्य आयोजन में लाखों लोगों की भीड़ उमड़ी, जो मानवता के महासागर जैसी प्रतीत हो रही थी। राज्य के विभिन्न जिलों समेत अन्य राज्यों से भी लोग इस आध्यात्मिक महोत्सव में शामिल होने पहुंचे। महोत्सव के मुख्य वक्ता अपोस्टल अंकित सजवान ने अपने संबोधन में कहा कि यीशु मसीह किसी एक धर्म विशेष के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के उद्धार के लिए आए थे। उन्होंने प्रेम, क्षमा और आध्यात्मिक स्वतंत्रता का संदेश देते हुए लोगों को आस्था और विश्वास के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का आयोजन जेसीए और जेसीया के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने प्रार्थना में भाग लिया और अपने जीवन में आध्यात्मिक परिवर्तन का अनुभव साझा किया। कई लोगों ने चंगाई और आत्मिक शांति प्राप्त करने की बात कही। पूरा प्रभात तारा मैदान श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा और हर ओर भक्ति, प्रार्थना और आस्था का माहौल देखने को मिला। आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। यह महोत्सव झारखंड के लिए एक नई आध्यात्मिक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। उपस्थित लोगों के अनुसार, यह एक ऐसा ऐतिहासिक क्षण था, जिसे उन्होंने पहले कभी न देखा और न ही महसूस किया था।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

