कोलकाता 22 अप्रैल (आरएनएस)। आईपीएस अधिकारी से तृणमूल नेता बने राजीव कुमार ने आज एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘मैं यहां चुनाव पर्यवेक्षकों की भूमिका के बारे में बात करना चाहता हूं। उन्हें इस तरह के गिरफ्तारी के आदेश देने का कोई अधिकार नहीं है। वे केवल मौखिक आदेश दे रहे हैं। हम देख रहे हैं कि पर्यवेक्षक भाजपा उम्मीदवारों से व्यक्तिगत रूप से मिल रहे हैं। लेकिन याद रखें आप अभी ऐसा कर रहे होंगे, लेकिन हम हर मुद्दे पर नजर रख रहे हैं और अगर आप असंवैधानिक कार्रवाई करते हैं, तो हम आपको अदालत में घसीटेंगे। चुनाव के बाद आप जिस भी राज्य में चले जाएं, हम आपको कोर्ट में घसीटेंगे।Ó राजीव कुमार ने कहा कि, ‘पुलिस पर्यवेक्षकों के मौखिक निर्देशों के बाद 500 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह आपराधिक प्रक्रिया संहिता और लागू चुनाव कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है। लेकिन हमारी कार्रवाई सुनियोजित, दस्तावेजी और सख्त होगी।Ó उन्होंने यह भी कहा, ‘पद, स्थिति या संरक्षण की परवाह किए बिना, जिन सभी अधिकारियों ने अवैध गिरफ्तारी वारंट जारी किए या उनमें सहायता की, उनके नाम उजागर किए जाएंगे, उन पर आरोप पत्र तैयार किया जाएगा और उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।Ó बहरहाल बता दे कि, इस दौरान सुभाषिश चक्रवर्ती, शशि पांजा और राजीव कुमार ने बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत की।
शशि पांजा ने आज कहा, ‘हमने मुख्य कार्यकारी अधिकारी का ध्यान इस ओर दिलाया है। पूर्व मिदनापुर और पश्चिमी मिदनापुर में जब हम पुलिस प्रशासन से अपनी विपक्षी पार्टी द्वारा तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ किए जा रहे दुव्र्यवहार, मारपीट और उत्पीडऩ की शिकायत करते हैं, तो उन जिलों के पुलिस अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते। यह पक्षपात है। क्योंकि जब इन दोनों जिलों के भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता या नेता कोई शिकायत करते हैं, तो तुरंत कार्रवाई की जाती है। इस पक्षपात के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। हमने आज मुख्य कार्यकारी अधिकारी से इस पक्षपात के खिलाफ शिकायत की है। हमने पुलिस को तलब किया है और उनसे जिले में दर्ज शिकायतों की भूमिका के बारे में जानकारी मांगी है।Ó
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