जगदीश यादव
कोलकाता 23 अप्रैल (आरएनएस)।। भले ही बंगाल में बंपर मतदान के दिन आज हिंसा के ताण्डव के वह दृश्य नजर नहीं आया जो आमतौर पर नजर आता था। लेकिन इस राज्य में प्रथम चरण का मतदान हिंसा की घटनाओं से बंचित भी नहीं रहा। उक्त खबर के लिखे जाने तक भी बंपर मतदान जारी रहा। शाम के 5 बजे तक चुनाव आयोग सूत्रों के अनुसार 89.93 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड दर्ज किया गया। पश्चिम बंगाल में पहले चरण के विधानसभा चुनाव के दौरान कई जगहों पर हिंसा की घटनाएं हुईं। बीरभूम में हिंसा पर उतारु एक वर्ग के पथराव से केंद्रीय सुरक्षा बल के 6 जवान घायल हो गए। जबकि केशपुर में वोट देकर लौटते समय महिला इसरातन बीबी (50) की मौत तो पोटाशपुर में एक मतदाता नृपेंद्रनाथ दास (58) की मौत हो गई। आसनसोल में बीजेपी विधायक अग्निमित्रा पॉल की कार पर हमला हुआ तो मुर्शिदाबाद में टीएमसी और बीजेपी समर्थकों के बीच झड़पें हुईं। साफ कहें तो पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण की ये वोटिंग हिंसा की भेंट चढ़ गई। पूरे राज्य में हिंसा का माहौल रहा. आसनसोल, माल्दा, कूचबिहार, सिलीगुड़़ी, मुर्शिदाबाद जैसे तमाम सभी जगहों पर झड़पें हुईं। उम्मीदवारों को घेर कर, दौड़ा कर पीटा गया। कहीं लाठियां चलीं, तो कहीं ईंट-पत्थर भी चले हैं। कूच बिहार, दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, उत्तरी दिनाजपुर, दक्षिणी दिनाजपुर व माल्दा और दक्षिण बंगाल के मुर्शिदाबाद, पूर्वी मिदनापुर, पश्चिमी मिदनापुर, झारग्राम, पुरुलिया, बांकुड़ा, पश्चिम बद्र्धमान और बीरभूम में मतदान हुए। मुर्शिदाबाद के नौदा में उस वक्त भारी तनाव फैल गया, जब एजेयूपी प्रमुख और रेजीनगर से उम्मीदवार हुमायूं कबीर एक घटना स्थल का दौरा करने पहुंचे, जहां तृणमूल समर्थकों और उनके बीच हिंसक झड़प हो गई। मौके पर मौजूद पुलिस के साथ हुमायूं कबीर की तीखी बहस और नोकझोंक के वीडियो सामने आए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उपद्रवियों की एक बड़ी भीड़ ने अचानक हुमायूं कबीर की कार को घेर लिया, हमलावरों के हाथों में लाठियां, डंडे और ईटें थीं। आरोप है कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने हुमायूं कबीर के खिलाफ नारेबाजी की थी। झड़प की स्थिति बनने के बाद मौके पर सिक्योरिटी टाइट कर दी गई है। केंद्रीय सुरक्षा बल ने बाद में स्थिति संभाली। माल्दा जिले के हरिश्चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब तृणमूल कांग्रेस के ही दो गुट आपस में भिड़ गए. यह विवाद इतना बढ़ गया कि राज्य के निवर्तमान मंत्री ताजमुल हुसैन के पैतृक गांव बांगरुआ (बूथ संख्या 200 और 201) में टीएमसी के एक चुनावी कैंप ऑफिस में जमकर तोड़?फोड़ की गई। सिलीगुड़ी के जगदीश चंद्र विद्यापीठ स्थित बूथ संख्या 26/237 पर मतदान की प्रक्रिया चल रही थी. इसी दौरान मतदान केंद्र के बाहर तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच अचानक बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते यह विवाद गरमा गया और दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की होने लगी। घटना के वक्त इलाके से बीजेपी उम्मीदवार शंकर घोष भी मौके पर मौजूद थे। केंद्र पर तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भीड़ को तितर-बितर किया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। सबसे हतप्रभ के दृश्य तो दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज विधानसभा क्षेत्र से नजर आया। यहां एक बेहद विचलित करने वाली घटना सामने आई है। यहां के भाजपा उम्मीदवार सुर्वेदु सरकार पर कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि सुवेंदु सरकार को सूचना मिली थी कि एक विशेष बूथ पर ‘बूध जैमिंगÓ की जा रही है। जब वे अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे, तो उन पर लाठियों और घूंसों से हमला किया गया. सुर्वेदु सरकार ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में टीएमसी के गुंडों ने उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। जामुडिय़ा विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम को लेकर विवाद हो गया, श्रीपुर इलाके में एक सड़क किनारे ढाबे के पास खड़ी एक गाड़ी में ईवीएम मिलने का आरोप सामने आया है, जिससे चुनावी माहौल गरमा गया।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

