सारंगढ़, 22 अप्रैल 2026 (आरएनएस) शहर के विकास कार्यों की जमीनी सच्चाई सामने आते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया, जब कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे खुद सड़कों पर उतरे और एक-एक काम की परतें खोलते चले गए, कहीं अधूरी सड़कें दिखीं तो कहीं गंदगी से भरे तालाब, कहीं सुस्त निर्माण तो कहीं लापरवाही की खुली तस्वीर, और इसी बीच कलेक्टर ने साफ शब्दों में चेतावनी दे दी—अब बहाने नहीं, सिर्फ काम दिखना चाहिए, निरीक्षण की शुरुआत मुड़ा तालाब के पास बन रहे लगभग 1 करोड़ के गार्डन से हुई, जहां काम की रफ्तार देख कलेक्टर ने सीधा आदेश दे दिया कि 15 मई तक हर हाल में निर्माण पूरा हो, ताकि जनता को इसका लाभ मिल सके, इसके बाद फूलझरिया पारा इंदिरा नगर की गलियों में कलेक्टर खुद पैदल पहुंचे और जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद हुए कंक्रीटीकरण की हकीकत देखी, यहां कई जगह सड़कें उखड़ी हुई मिलीं, गड्ढे नजर आए, जिस पर कलेक्टर ने ठेकेदारों को फटकार लगाते हुए साफ कहा कि सड़क की ढलाई एक समान स्तर पर होनी चाहिए, जनता को परेशानी बर्दाश्त नहीं होगी, वार्ड क्रमांक 15 पैलपारा के तिवारी तालाब का नजारा और भी चौंकाने वाला था, गंदगी से भरे तालाब को देख कलेक्टर ने तुरंत नाराजगी जताई और नगरपालिका सीएमओ को निर्देश दिया कि गंदा पानी तत्काल खाली कराया जाए और तालाब का गहरीकरण कराया जाए, ताकि जल संरचना मजबूत हो सके, इसके लिए प्रस्ताव भी तलब किया गया, नवापारा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे हितग्राही लूचरण जांगड़े के मकान पर पहुंचकर कलेक्टर ने धीमी गति पर नाराजगी जताई और गड्ढा, नींव, दीवार और ढलाई का काम तेजी से पूरा करने का आदेश दिया, खेलभाठा मैदान के पास निर्माणाधीन कम्पोजिट बिल्डिंग और ट्राइबल हॉस्टल के काम ने भी कलेक्टर को संतुष्ट नहीं किया, यहां साफ निर्देश दिए गए कि श्रमिकों की संख्या बढ़ाई जाए और काम में तेजी लाई जाए, ट्राइबल हॉस्टल के जीर्णोद्धार में हो रही देरी पर कलेक्टर ने अंतिम समय सीमा 15 जुलाई तय कर दी और हर 15 दिन में प्रगति रिपोर्ट देने का निर्देश भी जारी कर दिया, इस पूरे निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ इंद्रजीत बर्मन, डिप्टी कलेक्टर उमेश कुमार साहू, एसडीएम वर्षा बंसल, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी पी.एल. पैकरा और नगरपालिका सीएमओ सहित कई अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने मौके पर ही कलेक्टर के निर्देशों को गंभीरता से लिया, साफ है कि इस बार कलेक्टर का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है—लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, समय पर काम पूरा करो वरना कार्रवाई तय है।

निष्कर्ष: अब सारंगढ़ में विकास की रफ्तार नहीं बढ़ी, तो जिम्मेदारों की कुर्सी जरूर हिलेगी—कलेक्टर का यह सख्त संदेश सिस्टम के लिए सीधी चेतावनी है।

