० जल संरक्षण और रोजगार सृजन पर विशेष जोर
कोण्डागांव, 22 अप्रैल (आरएनएस)। जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी अविनाश भोई की अध्यक्षता में बुधवार को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य रूप से आगामी मानसून को देखते हुए जल संरक्षण कार्यों की प्रगति, पुराने कार्यों की पूर्णता और ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों की उपस्थिति बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए जिला पंचायत सीईओ ने निर्देश दिए कि ‘मोर गाँव मोर पानीÓ महा अभियान के तहत तालाबों के गहरीकरण, नवीन तालाब निर्माण, सोक पिट, रिचार्ज पिट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और डबरी, कुआं निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। लक्ष्य है कि मानसून आने से पहले जल संचयन की सभी संरचनाएं तैयार हो जाएं।
समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुछ पंचायतों में पुराने कार्य लंबित हैं। कार्यक्रम अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए कि पिछले वित्तीय वर्षों के अधूरे कार्यों को अगले 30 मई के पूर्व अनिवार्य रूप से पूर्ण कर उनकी कम्प्लीशन रिपोर्ट जमा करें। ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन रोकने और स्थानीय स्तर पर आजीविका सुनिश्चित करने के लिए मनरेगा के तहत लेबर बढ़ाने और अधिक से अधिक ग्रामीणों को काम पर लगाने के निर्देश दिए गए। विकासखंड अधिकारियों को घर-घर जाकर सर्वे करने और जॉब कार्ड धारकों को काम के प्रति जागरूक करने को कहा गया है। जिले में वर्तमान में 95 प्रतिशत सक्रीय श्रमिको का ई-केवायसी पूर्ण किया जा चुका है, जिसे 100 प्रतिशत पूर्ण किया जाने हेतु निर्देशित किया गया साथ ही साथ पूर्ण हो चुके कार्यो का जियो टैगिंग पूर्ण किये जाने के सम्बन्ध में भी निर्देशित किया है।
जल संरक्षण केवल एक कार्य नहीं बल्कि भविष्य की जरूरत है। मनरेगा के माध्यम से हम न केवल जल स्तर सुधार सकते हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे सकते हैं। जिला पंचायत सीईओ ने यह स्पष्ट किया कि कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायक एवं सहायक प्रोग्रामर उपस्थित थे।
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