रांची 23 अप्रैल (आरएनएस)। जमातुल कादरीया इस्लामी मरकज़ हिन्दपीढ़ी में ईद के बाद नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर झारखंड के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाफिजुल हसन अंसारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और मदरसा के बच्चों का हौसला बढ़ाया।
अपने संबोधन में मंत्री हाफिजुल हसन अंसारी ने कहा कि मदरसा इस्लाम की बुनियाद है। उन्होंने कहा कि मदरसा रहेगा तो इमाम रहेंगे, और अगर मदरसा कमजोर होगा तो समाज भी कमजोर होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि फिजूलखर्ची छोड़कर शिक्षा और मदरसों के विकास पर ध्यान दें। साथ ही उन्होंने बच्चों से कहा कि वे अपने किरदार को ऊंचा बनाएं और समाज के लिए मिसाल पेश करें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी (नाजिम-ए-आला, झारखंड) ने कहा कि नए तालीमी मिशन का आगाज हो चुका है। उन्होंने मदरसों को देश की धरोहर और विरासत बताते हुए कहा कि यहां धर्म के साथ-साथ देशप्रेम की भी शिक्षा दी जाती है। उन्होंने बताया कि मदरसा को जैक (झारखंड एकेडमिक काउंसिल) से मान्यता दिलाने की कोशिश जारी है, ताकि यहां दी जाने वाली तालीम न्को औपचारिक पहचान मिल सके। मदरसा के सचिव अकीलुर रहमान ने कहा कि संस्था लगातार बेहतर शिक्षा देने के लिए प्रयासरत है और आगे भी यह सिलसिला जारी रहेगा। वहीं नायब सदर आफताब आलम ने बताया कि वर्ष 2025 में मदरसा से शिक्षा प्राप्त कर निकलने वाले छात्रों को इस अवसर पर सम्मानित किया गया।ड्ढइस दौरान मंत्री ने मदरसा में 100 बेड के हॉस्टल निर्माण का आश्वासन भी दिया। कार्यक्रम के अंत में मदरसा प्रबंधन की ओर से मंत्री को एक मांग पत्र सौंपा गया, जिस पर उन्होंने जल्द कार्रवाई करने का भरोसा दिया। कार्यक्रम में मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी, अकीलुर रहमान, मो. आफताब आलम, खालिद उमर, सज्जाद इदरीसी, कारी अयूब,।मो गुलाम,मास्टर अब्दुल कादिर रब्बानी, हाफिज जावेद, मौलाना साकिब मिस्बाही, कारी शौकत हफ़ीज़ गुलाम मुस्तफा,मौलाना शेर मोहम्मद मुफ़्ती एजाज हसन मिसबाही,मौलाना मिनहाज उद्दीन मौलाना कलीम,,मो आसीफ, समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।दुआओं के साथ आजके तालीमी आगाज़ शुरू हुआ
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