जातिगत जनगणना में ओबीसी जातियों का कालम जोडा जाय- आर.के. आरतियन
बस्ती 23 अप्रैल (आरएनएस)। गुरूवार को भारत मुक्ति मोर्चा केे राष्ट्रीय संयोजक वामन मेश्राम के आवाहन पर 3 सूत्रीय मांगों को लेकर आयोजित भारत बंद की कड़ी में मोर्चा के जिलाध्यक्ष रामऔतार पासवान, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग के जिला प्रभारी राम सुमेर यादव के संयोजन में जिलाधिकारी कार्यालय तक पद यात्रा निकाली गई।
3 सूत्रीय मांगों में केन्द्र सरकार द्वारा कैबिनेट में ओबीसी की जाति आधारित जनगणना का फैसला करने के बावजूद भी जनगणना नोटिफिकेशन में ओबीसी की जातियों कॉलम नहीं दिये जाने, घोषित करने के बाद भी ओबीसी के जाति के कॉलम को ना दिया जाना ओबीसी के साथ धोखेबाजी है। इसलिए इस साल से होने वाली राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी का एवं जाति का कॉलम बढ़ाये जाने, पहले कमजोर यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन बनाना और फिर सुप्रीम कोर्ट में कमजोर पैरवी करके उस पर भी रोक लगवाना एससी-एसटी ओबीसी के साथ धोखेबाजी है। एससी-एसटी ओबीसी के समर्थन में सख्त यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन बनाकर लागू किया जाए। 2011 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) से मुक्त किये जाने आदि की मांग शामिल है।
मोर्चा के जोन प्रभारी आर.के. आरतियन ने कहा कि जब तक मांगे पूरी नहीं हो जाती आन्दोलन जारी रहेगा। कहा कि जनगणना नोटिफिकेशन में ओबीसी की जातियों कॉलम जोड़ा जाय। बहुजन मुक्ति पार्टी के मण्डल अध्यक्ष हृदय गौतम ने कहा कि जातिगत जनगणना को सरकार पूरा कराये। कहा कि नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होने के साथ साथ लोकतंत्र पर भी खतरा मडऱा रहा है। सरकार मांगों पर विचार कर समस्याओं का निस्तारण कराये। बुद्धेश राना, अमरजीत आर्य, सरिता भारती, मो. अजीम, वीरेन्द्र, रालमती, सुग्रीव चौधरी, भन्ते प्रज्ञानन्द आदि ने कहा कि सरकार मांगों को गंभीरता से लेकर समाधान कराये।
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