:-कर्नलगंज पुलिस पर अवमानना के आरोप,कार्यशैली गंभीर सवालिया घेरे में।
गोण्डा ,25 अपै्रल (आरएनएस)। जनपद के कर्नलगंज कोतवाली क्षेत्र में न्यायालय के आदेश की अवहेलना का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गोण्डा द्वारा दिए गए स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कर्नलगंज कोतवाली पुलिस ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर मुकदमा दर्ज नहीं किया, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
मामला प्रकीर्ण वाद सं0 623/2026 से जुड़ा है,जिसमें न्यायालय ने दिनांक 15 अप्रैल 2026 को थानाध्यक्ष कर्नलगंज को आदेशित किया था कि आवेदक शंकर दयाल के प्रार्थना पत्र पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर निष्पक्ष विवेचना की जाए तथा 10 दिन के भीतर न्यायालय में आख्या प्रस्तुत की जाए। निर्धारित 10 दिन की अवधि 25 अप्रैल को पूरी हो चुकी है, लेकिन अब तक न तो प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई है और न ही न्यायालय में कोई आख्या प्रस्तुत की गई है। ऐसे में इसे न्यायालय के आदेश की अवमानना के रूप में देखा जा रहा है।
पीडि़त शंकर दयाल, निवासी ग्राम नकहा बसन्त, ने बताया कि विपक्षी शिवकुमार ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर 29 जनवरी 2025 को उसकी जमीन का बैनामा करा लिया। इसके विरोध पर 22 फरवरी 2026 को उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। पीडि़त के अनुसार, स्थानीय थाना और संबंधित अधिकारियों से शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उसे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। उसने 20 अप्रैल 2026 को पुलिस अधीक्षक गोंडा को भी प्रार्थना पत्र देकर न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
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पुलिसिया कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
इस पूरे प्रकरण ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद कार्रवाई न होना कानून व्यवस्था की विश्वसनीयता पर असर डाल सकता है।
पीडि़त शंकर दयाल ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो वह उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर करेंगे और संबंधित थानाध्यक्ष के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की मांग करेंगे।
यह मामला केवल एक व्यक्ति के न्याय तक सीमित नहीं है, बल्कि न्यायालय के आदेशों के पालन और प्रशासनिक जवाबदेही से भी जुड़ा है। अब देखना यह होगा कि संबंधित अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और पीडि़त को कब तक न्याय मिल पाता है।
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