:-बीईओ ने 16 फरवरी और 20 मार्च को भेजी जांच रिपोर्ट, बीएसए कार्यालय ने दबाई फाइल, आरोपी पूनम देवी अभी भी उठा रही मानदेय।
गोण्डा ,25 अपै्रल (आरएनएस)। शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। कर्नलगंज ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय इंद्रपाल पुरवा में फर्जी दस्तावेजों से शिक्षामित्र की नौकरी कर रही पूनम देवी पत्नी अमरनाथ साहनी के खिलाफ खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा दो-दो बार रिपोर्ट भेजने के बावजूद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
पूरा मामला ग्राम पूरे अजब से जुड़ा है। यहां के निवासी ज्ञान प्रकाश चौहान पुत्र जिलेदार ने मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत संख्या 40018326009823 के माध्यम से आनलाइन शिकायत की थी कि पूनम देवी ने जाली अंक पत्र और प्रमाण पत्र लगाकर फर्जी तरीके से शिक्षामित्र पद पर नियुक्ति हासिल की है और अवैधानिक रूप से मानदेय ले रही हैं।
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बीईओ ने दो बार भेजी रिपोर्ट, विभाग ने नहीं ली सुधि
उक्त मामले में पहली रिपोर्ट आईजीआरएस शिकायत संख्या 40018326004478 के निस्तारण के लिए बीईओ सुशील कुमार सिंह ने पत्रांक 1569 दिनांक 16/02/2026 को बीएसए को पत्र भेजकर अभिलेखों के सत्यापन, नियुक्ति निरस्त करने, रिकवरी और एफआईआर की संस्तुति की थी। दूसरी रिपोर्ट जब पहली रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो बीईओ ने दोबारा 20/03/2026 को पत्रांक 1760 के माध्यम से बीएसए गोण्डा को रिमाइंडर भेजा और तत्काल कार्रवाई की मांग की।
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3 महीने बाद भी कार्रवाई शून्य
हैरानी की बात है कि पहली रिपोर्ट को 3 महीने और दूसरी रिपोर्ट को 1 महीना बीत चुका है, लेकिन बीएसए कार्यालय ने अभी तक न तो आरोपी शिक्षामित्र के दस्तावेजों का सत्यापन कराया, न ही उसका मानदेय रोका। पूनम देवी अभी भी स्कूल में कार्यरत हैं और हर महीने सरकारी खजाने से वेतन ले रही हैं।
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शिकायतकर्ता का आरोप- विभाग दे रहा संरक्षण
ज्ञान प्रकाश चौहान ने कहा, बीईओ साहब ने दो-दो बार रिपोर्ट भेज दी, बीएसए कार्यालय चुप है। इससे साफ है कि विभाग के अधिकारी फर्जी शिक्षामित्र को बचाना चाहते हैं। शासन को धोखा देने वाले पर कार्रवाई न होना विभाग की मंशा पर सवाल खड़ा करता है।ऐसे में बड़ा सवाल है यह कि जब बीईओ स्तर से एफआईआर और रिकवरी की संस्तुति हो चुकी है, तो बीएसए कार्यालय किसके दबाव में कार्रवाई से बच रहा है? क्या फर्जी नियुक्ति कराने वाले रैकेट में विभाग के बड़े अधिकारी भी शामिल हैं?
इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गोण्डा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका सीयूजी नंबर बंद मिला। कार्यालय के कर्मचारियों ने “साहब फील्ड में हैं” कहकर जानकारी देने से इनकार कर दिया। वहीं ज्ञान प्रकाश चौहान ने कहा कि अगर 3 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो वह डीएम गोण्डा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर पूरे मामले की शिकायत करेंगे और हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दाखिल करेंगे।
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