*कहीं चोरी चुपके तो कहीं खुलेआम की जा रही बिक्री
*इलाकाई पुलिस से लेकर सफेदपोश लोगों का मिल रहा है भरपूर संरक्षण
मीरजापुर,25 अपै्रल (आरएनएस)। यह जिला जितना अपने धार्मिक, पौराणिक और ऐतिहासिक महत्वों को लेकर जाना जाता है उससे कहीं ज्यादा कालान्तर में मादक द्रव्य पदार्थों की तस्करी से लेकर बिक्री के लिए सुविख्यात हो चुका है। जिनके चंगुल में फंसकर सैकड़ों लोगों के घर परिवार तबाह हो चलें हैं तो कुछ मौत के मुंह में समा चुके हैं बावजूद इसके इस काले कारोबार पर पूरी तरह से अंकुश लग पाना संभव नहीं हो पाया है। बात करे सिर्फ और सिर्फ नगर क्षेत्र की तो मादक द्रव्य पदार्थों की बिक्री बेख़ौफ़ होकर चल रहीं है। नगर क्षेत्र के महुवरियां, शुक्लहां, रोडवेज, रेलवे स्टेशन कालोनी, कटरा कोतवाली के पीछे, भैसहियां टोला, सबरी नटवां, लोहंदी, मकरी खोह, विंध्याचल, देहात कोतवाली क्षेत्र के अर्जुनपुर, मुहकुंचवा सहित ऐसे कई दर्जन स्थान हैं जो अवैध मादक पदार्थों की बिक्री के लिए सरनाम हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कोरम पूरा कर मामले को रफा-दफा कर लिया जाता है। जबकि सर्वविदित है कि इन स्थानों इलाकों में लंबे समय से नशे का कारोबार होता हुआ आ रहा है। शुक्लहां रोडवेज महुवरियां सबरी, भैसहियां टोला मकरी खोह का तो कोई पूछना ही नहीं है। जहां धड़ल्ले से अवैध रूप से गांजा हेरोइन से लेकर अवैध शराब की भी बिक्री होती आई है। अवैध मादक द्रव्य पदार्थों के इस धंधे में कुछ नये लोगों का भी प्रवेश होने के साथ इस धंधे को विस्तार दे मोटी रकम वसूल की जा रही है। अब यह अलग बात है कि नशे की गिरफ्त में आकर अपना सबकुछ गंवा बैठने वालों को ज़लालत परेशानी और घूंट घूंट कर मौत के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं हो पाता है। जिले में तेजतर्रार महिला पुलिस अधिकारी के तौर पर पुलिस अधीक्षक की कमान संभालने वाली एसपी साहिबा से नगर के प्रबुद्ध नागरिक की गुहार है कि ऐसे स्थल और ऐसे लोगों को चिन्हित करते हुए उनके आर्थिक साम्राज्य को नष्ट करते हुए कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएं जो नशें के सौदागर बनकर इस धार्मिक और पौराणिक नगरी की पहचान को मटियामेट करते हुए लोगों के जान के दुश्मन बने हुए हैं।
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