*नगरी इलाके से लगने वाले इलाकों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों का है बुराहाल
*कहीं टोटी से टपक रहा पानी तो कहीं टोटी ही है नदारद
*कहीं कही तो बेकार में बहाया जा रहा है पानी
मीरजापुर,25 अपै्रल (आरएनएस)। जिस मिशन को लेकर केन्द्र और प्रदेश सरकार ने अरबों रूपए पानी की तरह बहा डालें, जोर-शोर से प्रचार-प्रचार और इसकी उपलब्धियों का खूब बखान किया गया हो यदि वहीं उस मिशन की मंशा पर पानी फेरता हुआ दिखाई दे जाए तो उसे क्या कहा जाएगा? ज़ी हां! हम बात कर रहे हैं जल जीवन मिशन योजना अंतर्गत ‘हर घर नल जल योजना’ की जो तीन-चार साल बितने के बाद भी हर घर को समुचित ढंग से पानी पहुंचाने में कामयाब नहीं हो सका है। लालगंज तहसील क्षेत्र के गंगहराकला गांव निवासी अंकित दुबे कहते हैं पिछले दिनों तीन दिन तक जलापूर्ति न होने से गांव में पानी को लेकर हाहाकार मचा रहा है। शिकायत किए जाने पर टका सा जवाब देकर कि मोटर खराब होने, लो बोल्टेज के कारण जलापूर्ति नहीं हो पाई है, पल्ला झाड़ लिया गया था। अब उन्हें कौन बताए कि वह तो यह कहकर किनारे हो लिए लेकिन जिन घरों गांव में तीन दिनों तक जलापूर्ति नहीं हुई है भला उनका क्या हाल रहा होगा। विंध्याचल क्षेत्र के शिवपुर, घमहापुर, अष्टभुजा पहाड़, कंतित, अकोढ़ी, बिरोही सहित दर्जनों गांवों में हर घर नल जल योजना को लेकर तमाम शिकायतें हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ घरों में अभी पानी ही नहीं पहुंचा है तो कहीं नल से बूंद बूंद पानी टपकता रहता है, कहीं कहीं तो टोटी ही नदारद है ऐसी दशा में खुले में पानी बहता हुआ देखा जा सकता है। गौरतलब हो कि पिछले दिनों नगर भाजपा विधायक पंडित रत्नाकर मिश्र अपने विधानसभा क्षेत्र के कोन विकास खंड क्षेत्र में जन सम्पर्क कर रहे थे कि इसी दरम्यान ग्रामीणों ने उन्हें पेयजल समस्या से अवगत कराना शुरू कर दिया था जिसके बाद विधायक ने मौके पर ही संबंधित विभाग के लोगों को जमकर खरी-खोटी सुनाकर कार्य में तेजी लाने और गर्मी में किसी भी सूरत में जलापूर्ति बाधित न होने पाएं के लिए सख्त हिदायत दी थी, बावजूद इसके यह समस्या अभी भी गंभीर बनी हुई है।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

