मुंबई,26 अपै्रल (आरएनएस)। सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े ड्रग्स मामले में अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती को एक बड़ी कानूनी जीत मिली है। विशेष अदालत ने रिया के बैंक खातों को तुरंत बहाल करने और उनके जब्त किए गए गैजेट्स वापस करने का आदेश दिया है। अदालत ने जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे जमकर फटकार लगाई है। करीब 6 साल बाद मिली इस राहत से रिया अब अपने जमा पैसों और संपत्तियों का इस्तेमाल कर सकेंगी।
सुशांत की मौत से जुड़े ड्रग्स मामले में विशेष एनडीपीएस अदालत ने अभिनेत्री रिया को राहत दी है। अदालत ने रिया के बैंक खातों को अनफ्रीज करने का आदेश देते हुए जांच एजेंसी को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने में विफल रही, जिससे रिया को लंबे समय तक वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इस फैसले के बाद रिया अब अपने बैंक खातों और जब्त गैजेट्स का इस्तेमाल कर सकेंगी।
साल 2020 में सुशांत सिंह राजपूत से जुड़े ड्रग्स मामले में एनसीबी ने रिया और उनके भाई शौविक चक्रवर्ती के बैंक खाते फ्रीज किए थे, जिन पर अब करीब 6 साल बाद रोक हटी है। अदालत ने पाया कि जांच एजेंसी ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत जरूरी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि नियमों की अनदेखी के कारण खातों पर लंबे समय तक पाबंदी नहीं लगाई जा सकती।
अदालत ने कहा कि कानून (एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ) के मुताबिक, अगर जांच एजेंसी किसी का बैंक खाता या संपत्ति जब्त करती है तो उसे 30 दिनों के भीतर एक बड़े सरकारी अधिकारी से इसकी मंजूरी लेनी जरूरी है। अगर 30 दिनों में ये मंजूरी नहीं मिलती तो वो जब्ती कानूनी रूप से रद्द मानी जाएगी। रिया के मामले में एजेंसी ने ऐसी कोई मंजूरी नहीं ली थी, इसलिए कोर्ट ने उनके खातों को फ्रीज करना अवैध करार दिया।
रिया और उनके भाई शौविक ने अपने वकीलों के माध्यम से अदालत का दरवाजा खटखटाया था। बचाव पक्ष ने दलील दी कि बैंक खातों को फ्रीज करने में उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। उन्होंने तर्क दिया कि एनसीबी कानून के तहत निर्धारित समय के भीतर आवश्यक मंजूरी लेने में विफल रही, जिससे उनकी यह पूरी कार्रवाई गैरकानूनी हो गई। अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार करते हुए खातों को बहाल करने का आदेश दिया।
सरकारी पक्ष ने रिया के बैंक खातों को बहाल करने की अर्जी का कड़ा विरोध किया और उनके पुराने बयानों का हवाला देते हुए दावा किया कि वह एक ड्रग से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा थीं। उन्होंने दलील दी कि अधिकारी के पास खातों को फ्रीज करने के ठोस आधार थे और जांच के दौरान की गई यह कार्रवाई पूरी तरह से जायज और सही थी। हालांकि, तकनीकी खामियों के कारण कोर्ट ने उनकी इस दलील को खारिज कर दिया।
अदालत ने स्पष्ट किया कि चूंकि अधिनियम (एनडीपीएस अधिनियम) के तहत आवश्यक कानूनी आदेश पारित नहीं किया गया था, इसलिए बैंक खातों को फ्रीज रखना कानूनन गलत है। रिया को सितंबर 2020 में सुशांत मामले से जुड़े ड्रग्स आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। उन पर अभिनेता को ड्रग्स उपलब्ध कराने का आरोप लगा था, जिसके लिए उन्हें 28 दिन जेल में बिताने पड़े थे। अब तकनीकी आधार पर ही सही, रिया को एक बड़ी वित्तीय राहत मिली है।
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