पार्थ दे
हरिपाल/हुगली 26 अप्रैल (आरएनएस)। बंगाल में दूसरे चरण के चुनाव को लेकर भाजपा के लिए प्रचार के लिए पीएम मोदी ने जहां बंगाल के तमाम जगहों पर रैली व सभाएं की वहीं उन्होंने हुगली जिले में भी काफी ध्यान रखा। जिले के हरिपाल में एक चुनावी सभा से पीएम मोदी ने ममता सरकार पर जहां जमकर हमले किए वहीं उन्होंने मोदी ने कहा, तृणमूल ने हर किसी के साथ विश्वासघात किया है। ‘मां, माटी और मानुषÓ किसी को नहीं छोड़ा है। टीएमसी वालों ने ‘मांÓ की आंखों में आंसू ला दिए हैं, ‘माटीÓ को घुसपैठियों और सिंडिकेट के हवाले कर दिया है, और ‘लोगोंÓ के सिर पर हिंसा और दमन की तलवार लटका रखी है। यहीं है बंगाल का जंगलराज। यह बात कभी नहीं भूले। संदेशखाली से लड़कियां गायब हो रही थीं, फिर भी तृणमूल सरकार पूरी तरह से बेपरवाह बनी रही। लेकिन, डरने की कोई ज़रूरत नहीं है। 4 मई के बाद, भाजपा सरकार सबका हिसाब-किताब बराबर कर देगी। माताओं और बहनों, अब आपको अपने सताने वालों को और बर्दाश्त करने की जरूरत नहीं है। भाजपा न केवल हमारी माताओं और बहनों को सुरक्षा प्रदान करती है, बल्कि उन्हें सम्मान भी देती है। हमने संदेशखाली में अत्याचार की शिकार हुई एक महिला को उम्मीदवार बनाया है; भाजपा ने आरजीकर की पीडि़त की माँ को भी टिकट दिया है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि,
नेताजी सुभाष चंद्र ने नारा दिया था, ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा।Ó देश की जनता ने अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। आप हमें एक वोट दीजिए, हमें अपना आशीर्वाद दीजिए और हम आपको तृणमूल से मुक्ति दिलाएंगे। हम आपको ‘जंगल राजÓ, डर, भ्रष्टाचार, महिलाओं पर अत्याचार, बेरोजग़ारी और घुसपैठियों से मुक्ति दिलाएंगे। पीएम मोदी ने आगे कहा कि सरकार नबान्ना से नहीं चलती! यह सरकार तृणमूल के गुंडों और बाहुबलियों द्वारा चलाई जाती है। वरना, प्रशासन तो हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद ही हरकत में आता है।
उन्होंने आगे कहा, शिक्षक भर्ती घोटाले में तृणमूल पर आरोप हैं। तृणमूल केंद्रीय एजेंसियों के काम में बाधा डालती है। तृणमूल सरकार की साख रसातल में पहुंच चुकी है। तृणमूल महिलाओं को सुरक्षा देने में नाकाम रही है। इसके विपरीत, मोदी ने ज़ोर देकर कहा, भाजपा महिलाओं का सम्मान करती है और उनकी रक्षा करती है। 4 मई के बाद सभी हिसाब-किताब चुकता कर दिए जाएंगे। तृणमूल सरकार ने अपने कुकर्मों के कारण जनता का विश्वास खो दिया है। नतीजतन, लोगों को अक्सर अदालतों का सहारा लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
पीएम ने कहा, शिक्षा भ्रष्टाचार मामले में, तृणमूल के एक मंत्री ने हजारों युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया है। अगर यह एक संवेदनशील सरकार होती, तो वह निष्पक्ष जांच करवाती। इसके बजाय, अदालत को जांच के लिए निर्देश जारी करने पड़े। तृणमूल की विश्वसनीयता अब शून्य पर है।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

