कोलकाता 26 अप्रैल (आरएनएस)। पुलिस ने भांगड़ के उत्तर काशीपुर पुलिस थाना के अंतर्गत चेलेगोवालिया इलाके में छापेमारी की, जिसमें तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ता रफीकुल इस्लाम के घर के पिछवाड़े के बगीचे में छिपाए गए 100 नए बमों का विशाल भंडार बरामद किया गया। यह बरामदगी चुनाव आयोग के उस लक्ष्य को एक बड़ा झटका है, जिसके तहत अंतिम चरण में होने वाले 142 निर्वाचन क्षेत्रों में हिंसा-मुक्त वातावरण सुनिश्चित करना था। इस बरामदगी ने इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) और सत्ताधारी टीएमसी के बीच तीखी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की जंग छेड़ दी है। आईएसएफ का आरोप है कि टीएमसी नेतृत्व, जिसमें साओकत मोल्ला भी शामिल हैं, मतदाताओं को डराने और मतदान के दिन अशांति फैलाने के लिए इन विस्फोटकों को जमा करने में शामिल था। वहीं, टीएमसी ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि आईएसएफ ने पार्टी को बदनाम करने के लिए रात के अंधेरे में बम लगाए थे। केंद्रीय बलों और स्थानीय पुलिस को भारी संख्या में तैनात कर व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किया गया है और बम निरोधक दस्तों ने सफलतापूर्वक विस्फोटकों को निष्क्रिय कर दिया है। जांच जारी है। इस अस्थिरता के बीच, चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को कड़ा अल्टीमेटम जारी किया है। आयोग ने कोलकाता पुलिस आयुक्त और सभी फील्ड अधिकारियों, जिनमें ओसी और आईसी शामिल हैं, को सीधे तौर पर शून्य सहनशीलता का संदेश देते हुए कहा है कि अगले 24 घंटों के भीतर अपने क्षेत्रों को विस्फोटकों से मुक्त करने में विफल रहने पर अभूतपूर्व परिणाम भुगतने होंगे। आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी चूक के लिए जवाबदेही तय की जाएगी और चेतावनी दी कि जो अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र में मतदाताओं को डराने-धमकाने या धमकी देने की अनुमति देंगे, उनके खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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