नई दिल्ली,26 अपै्रल (आरएनएस)। आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता करते हुए सात सांसदों राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल के दल-बदल के मुद्दे पर केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि संविधान के प्रावधानों के तहत इन सभी सांसदों की सदस्यता समाप्त की जानी चाहिए और इसके लिए उपराष्ट्रपति व राज्यसभा के सभापति को याचिका भेजी गई है.
संजय सिंह ने बताया कि देश के वरिष्ठ अधिवक्ताओं और संविधान विशेषज्ञों, जैसे कपिल सिब्बल और पीडीटी आचार्य से सलाह लेने के बाद यह याचिका दाखिल की है. उन्होंने कहा कि संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत यदि कोई सांसद अपनी पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में जाता है तो उसकी सदस्यता समाप्त हो सकती है. उन्होंने कहा कि हमने सभापति महोदय से अनुरोध किया है कि इस मामले में जल्द सुनवाई कर न्यायपूर्ण निर्णय लिया जाए.
आप सांसद ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों ईडी और सीबीआई का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं को तोड़ा जाता है और फिर उन्हें भाजपा में शामिल कर लिया जाता है. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पार्टी के साथ नहीं, बल्कि लोकतंत्र और जनता के जनादेश के साथ भी धोखा है. अगर किसी को मतभेद है तो पहले इस्तीफा दें और फिर दूसरी पार्टी में जाएं.
संजय सिंह ने कहा कि ऐसे मामलों में कभी-कभी फैसले में देरी होती है, लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि अदालत से न्याय मिलेगा. उन्होंने उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश जैसे मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी दल-बदल के मामलों में हस्तक्षेप कर फैसले दिए हैं.
पंजाब के विधायकों के पार्टी बदलने की अफवाहों पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय सिंह ने कहा कि यह पूरी तरह से झूठा प्रचार है. उन्होंने कहा कि जब इन सांसदों की सदस्यता ही खतरे में है, तो कोई भी विधायक उनके साथ क्यों जाएगा? यह सिर्फ भ्रम फैलाने की कोशिश है.
संजय सिंह ने भाजपा नेताओं पर फर्जी तस्वीरें फैलाने का आरोप भी लगाया. उन्होंने प्रवेश वर्मा का नाम लेते हुए कहा कि उनके द्वारा जारी तस्वीरें भ्रामक हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले में मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा और मीडिया चैनलों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी, जिन्होंने इन तस्वीरों को दिखाया है.
संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार का रुख कमजोर रहा है और देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है. उन्होंने कहा कि वैश्विक घटनाओं पर सरकार की चुप्पी कई बार चिंताजनक रही है और भारत जैसे बड़े लोकतंत्र को मजबूत रुख अपनाना चाहिए.
संजय सिंह ने कांग्रेस नेता उदित राज के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि पार्टी बदलने वाले नेताओं को ऐसे बयानों का समर्थन मिलना स्वाभाविक है. साथ ही उन्होंने विपक्षी राजनीति और विभिन्न राज्यों की स्थिति पर भी टिप्पणी करते हुए भाजपा पर विभाजनकारी राजनीति का आरोप लगाया.
संजय सिंह ने बताया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है. इस मुलाकात में दल-बदल और उससे जुड़े मुद्दों को उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि जिन विधायकों ने जनता के भरोसे के साथ धोखा किया है, उन्हें वापस आकर इस्तीफा देना चाहिए.
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