लखनऊ 27 अप्रैल (आरएनएस )। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि गाजीपुर में भाजपा सरकार के इशारे पर समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ दुव्र्यवहार किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नहीं चाहती कि समाजवादी पार्टी पीडीए समाज के साथ खड़ी हो और उन्हें न्याय दिलाए। गाजीपुर जाने से रोकने के लिए लगातार नई-नई धाराएं लगाई जा रही हैं और विभिन्न प्रकार के अवरोध खड़े किए जा रहे हैं।समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय लखनऊ में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने गाजीपुर के करंडा क्षेत्र के पीडि़त परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि 28 अप्रैल को वरिष्ठ नेता राम आसरे विश्वकर्मा के नेतृत्व में पार्टी का प्रतिनिधिमंडल गाजीपुर जाएगा। इस प्रतिनिधिमंडल में समाजवादी महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा राजभर, विधायक जयकिशन साहू और रीता विश्वकर्मा शामिल रहेंगी। प्रतिनिधिमंडल पीडि़त परिवार से मिलकर उनके दु:ख-दर्द में शामिल होगा और परिवार की इच्छा के अनुसार न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेगा।अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर समाजवादी नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर अन्याय करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जहां भी अवसर मिलता है, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं पर फर्जी तथा झूठे मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि गाजीपुर में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं पर एफआईआर क्यों दर्ज की गई, जबकि असली पत्थरबाजों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर पहले से गंभीर धाराएं लगी हैं, वे खुलेआम धमकी दे रहे हैं, फिर भी उन पर सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है।उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के लोग यदि सोशल मीडिया पर कुछ लिखते हैं या ट्वीट करते हैं, तो तत्काल एफआईआर दर्ज हो जाती है, लेकिन जो लोग समाजवादी पार्टी के खिलाफ माहौल बनाने का काम कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि असली पत्थरबाजों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।अखिलेश यादव ने प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर भी भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जब से प्रदेश में भाजपा सरकार आई है, महिलाओं और बेटियों के खिलाफ अपराध की घटनाओं में वृद्धि हुई है। हर जिले में हत्या और दुष्कर्म जैसी जघन्य घटनाएं सामने आई हैं, जिससे महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावे खोखले साबित हुए हैं।महिला आरक्षण के मुद्दे पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा महिलाओं को वास्तविक आरक्षण देना नहीं चाहती है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार आरक्षण देना चाहती थी तो वर्तमान सीटों की संख्या पर ही इसे लागू क्यों नहीं किया गया और इसमें डिलिमिटेशन की शर्तें क्यों जोड़ी गईं। उन्होंने कहा कि भाजपा को पता था कि लोकसभा में उसे पूर्ण बहुमत नहीं है, इसलिए विपक्ष को बदनाम करने और वोट बैंक को ध्यान में रखते हुए महिला आरक्षण संशोधन विधेयक लाया गया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 पारित हो चुका है और कानून बन चुका है, सरकार चाहे तो इसे अगले चुनाव से लागू कर सकती है, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है।अखिलेश यादव ने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को बर्बाद कर दिया है और अब स्वयं स्वास्थ्य विभाग को इलाज की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में खाद का संकट गहराने की आशंका है और पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव समाप्त होते ही डीजल, पेट्रोल और खाद की कीमतों में बढ़ोतरी की जा सकती है।किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश के गन्ना किसानों को भुगतान के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि हाल ही में गाजियाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में किसानों से कई महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिन पर समाजवादी पार्टी भविष्य में निर्णय लेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि समाजवादी सरकार बनने पर गन्ना किसानों को 24 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा और इसके लिए 15 हजार करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड बनाया जाएगा, ताकि गन्ना पर्ची मिलते ही भुगतान शुरू हो सके।अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार के समय बुनकरों को फ्लैट रेट पर बिजली की सुविधा दी जाती थी और भविष्य में फिर से ऐसी व्यवस्था लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि बुनकरों के उत्पादों के विपणन के लिए किसान बाजार और शिल्पग्राम जैसी व्यवस्थाएं बनाई गई थीं, जिन्हें आगे और मजबूत किया जाएगा, ताकि बुनकरों की समस्याओं का समाधान हो सके और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके।
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