रांची 27 अप्रैल (आरएनएस)। प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे ने कहा कि देश में महिलाओं के लिए राजनीति के दरवाजे खोलने का काम कांग्रेस पार्टी ने किया है, जबकि भाजपा केवल श्रेय लेने की राजनीति कर रही है।
दूबे ने कहा कि भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी कांग्रेस की देन थीं, जिन्होंने न केवल देश का नेतृत्व किया बल्कि महिलाओं को राजनीति में आगे बढऩे की प्रेरणा भी दी। इसी तरह देश की पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा सिंह पाटिल भी कांग्रेस के समर्थन से बनीं। उन्होंने आगे कहा कि स्थानीय स्तर पर महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पंचायती राज व्यवस्था में 33त्न आरक्षण लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय भी कांग्रेस सरकार ने लिया था, जिससे आज देशभर में करीब 14 लाख से अधिक महिलाएं पंचायत और नगर निकायों में जनप्रतिनिधि के रूप में कार्य कर रही हैं। महिला आरक्षण को लेकर भाजपा नेत्री के बयानों पर तीखा पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे ने भाजपा पर राजनीतिक नौटंकी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस और विपक्ष महिला आरक्षण को लेकर भ्रम फैला रहे हैं, तो केंद्र सरकार 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को तुरंत लागू कर दे—सारी राजनीति अपने आप खत्म हो जाएगी।
दूबे ने आरोप लगाया कि भाजपा का असली उद्देश्य महिलाओं को अधिकार देना नहीं, बल्कि चुनावी राज्यों में उनके वोट हासिल करना है। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं की वर्तमान हिस्सेदारी केवल लगभग 14–15त्न है, जबकि महिला आबादी देश में करीब 48त्न है। ऐसे में 33त्न आरक्षण का कानून 2023 में पारित होने के बावजूद उसे लागू न करना भाजपा की मंशा पर सवाल खड़ा करता है।
दूबे ने कहा कि भाजपा का महिला आरक्षण के प्रति विरोध नया नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि 2010 में जब महिला आरक्षण बिल राज्यसभा में पास हुआ था, तब भाजपा के कई नेताओं ने इसका विरोध किया था। अगर उस समय भाजपा पूरी ईमानदारी से साथ देती, तो आज महिलाओं को 13 साल पहले ही उनका अधिकार मिल चुका होता, उन्होंने कहा। कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में महिला वोट को साधने के लिए महिला आरक्षण का मुद्दा उठाया, लेकिन अब जब सच्चाई सामने आ रही है तो कांग्रेस पर आरोप लगाया जा रहा है।
दूबे ने भाजपा को सीधी चुनौती देते हुए कहा: अगर हिम्मत है तो महिला आरक्षण कानून को तुरंत लागू करिए। कांग्रेस और विपक्ष की राजनीति अपने आप खत्म हो जाएगी। लेकिन सच्चाई यह है कि भाजपा महिलाओं की भागीदारी नहीं, बल्कि उनके नाम पर वोट चाहती है।
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