रांची 27 अप्रैल (आरएनएस)। न्यू सर्किट हाउस, रांची में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी), नई दिल्ली द्वारा 21 मामलों की सुनवाई की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण शिकायतों का निष्पादन किया गया। आयोग ने हजारीबाग निवासी मालती देवी की शिकायत का समाधान पहली ही सुनवाई में कर दिया, जबकि खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग से जुड़े मामले में विभागीय सचिव को समन जारी करने का निर्देश दिया गया।
रामगढ़ निवासी बेनी राम मांझी को भूदान में मिली जमीन से संबंधित लगान मिरधारन कर रसीद देने के मामले का भी आयोग ने समाधान किया। वहीं, सीसीएल से जुड़े एक मामले में शिकायतकर्ता कालेश्वर गंझू को मुआवजा भुगतान करने का निर्देश दिया गया, जिस पर सीसीएल प्रबंधन ने सहमति जताई। साथ ही नौकरी देने के मामले में जांच के बाद निर्णय लेने की बात कही गई।झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) से जुड़े एक अहम मामले में आयोग ने अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित की। यह मामला रूपा कुमारी से संबंधित है, जिन्होंने पीजीटी (हिंदी) परीक्षा 2023 में आवेदन किया था। परीक्षा एवं दस्तावेज सत्यापन के बाद भी उनका नाम अंतिम मेरिट सूची से हटा दिया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आदिम जनजातियों को दिए जाने वाले आरक्षण प्रावधानों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। वहीं जेएसएससी की ओर से स्पष्ट किया गया कि नियमों के अनुसार यदि आदिम जनजाति का अभ्यर्थी सामान्य मेधा सूची में चयनित हो जाता है, तो अलग से आरक्षित पद पर चयन आवश्यक नहीं होता।
इसके अलावा कुल पदों में आरक्षण के अनुपालन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने अगली सुनवाई में विस्तृत जांच के संकेत दिए हैं।
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