रांची 27 अप्रैल (आरएनएस)। रांची जिले में निजी विद्यालयों की मनमानी फीस वृद्धि और विभिन्न मदों में वसूली को लेकर झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि उपायुक्त के आश्वासन के बावजूद अभिभावकों को आज तक कोई ठोस राहत नहीं मिल सकी है।
उन्होंने बताया कि 21 अप्रैल को निजी स्कूल प्रबंधन एवं प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित थी, जिससे अभिभावकों में यह उम्मीद जगी थी कि फीस वृद्धि पर नियंत्रण लगेगा और झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम 2017 का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। लेकिन यह बैठक नहीं हो पाई, जिससे अभिभावकों की उम्मीदों को गहरा आघात पहुंचा है।
अजय राय ने उठाए प्रमुख मुद्दे:
निजी स्कूलों द्वारा 2026-27 सत्र में मनमानी तरीके से फीस बढ़ोतरी
एनुअल चार्ज, डेवलपमेंट चार्ज, कंप्यूटर फीस आदि के नाम पर अतिरिक्त वसूली
स्कूलों द्वारा निर्धारित दुकानों से ही किताबें खरीदने का दबाव
ष्टक्चस्श्व/ढ्ढष्टस्श्व के निर्देशों के बावजूद वेबसाइट पर पुस्तक सूची प्रकाशित नहीं करना
जिला स्तरीय फीस निर्धारण समिति के गठन के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं
उन्होंने कहा कि जब जिला प्रशासन द्वारा फीस नियंत्रण समिति के गठन की घोषणा की गई थी, तब अभिभावकों में एक नई उम्मीद जगी थी कि अब निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगेगा। लेकिन जमीनी स्तर पर न तो समिति की बैठक हुई और न ही किसी स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की गई। अजय राय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रशासन के आश्वासन और वास्तविक कार्रवाई के बीच भारी अंतर है। अभिभावक अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं, क्योंकि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी उन्हें बढ़ी हुई फीस और अतिरिक्त शुल्क का बोझ उठाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
एसोसिएशन की मांग:
तत्काल जिला स्तरीय फीस समिति की बैठक कर निर्णय लागू किया जाए
सभी निजी स्कूलों की फीस संरचना की जांच हो
अवैध शुल्क वसूली पर सख्त कार्रवाई हो
किताबों की बिक्री में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए. दोषी स्कूलों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए. अंत में, झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने प्रशासन से आग्रह किया है कि वह अभिभावकों के हित में ठोस और त्वरित कदम उठाए, अन्यथा संगठन आगे व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
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