रांची 27 अप्रैल (आरएनएस)। झारखंड एनएसयूआइ प्रदेश उपाध्यक्ष अमन अहमद और डीएसपीएमयू अध्यक्ष आर्यन कुमार ने रांची विश्वविद्यालय की कुलपति महोदया को एक महत्वपूर्ण आवेदन पत्र सौंपते हुए विश्वविद्यालय में व्याप्त विभिन्न गंभीर समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया. इस आवेदन के माध्यम से उन्होंने छात्रों एवं प्राध्यापकों से जुड़ी अनेक ज्वलंत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि रांची विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र का नियमित रूप से संचालन नहीं हो रहा है, जिससे छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। साथ ही नई शिक्षा नीति (हृश्वक्क) को बिना पर्याप्त तैयारी के लागू किए जाने से छात्र एवं शिक्षक दोनों असमंजस की स्थिति में हैं. अमन अहमद ने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले कई महाविद्यालयों में कक्षा-कक्षों की भारी कमी है, शिक्षकों एवं गैर-शैक्षणिक कर्मियों के पद रिक्त हैं, तथा परीक्षा परिणामों के प्रकाशन में अनावश्यक विलंब हो रहा है. इसके अतिरिक्त उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि योग्य अधिकारियों का अभाव है और कई महत्वपूर्ण पदों पर एक ही व्यक्ति द्वारा कार्य किया जा रहा है, जिससे कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। छात्रवृत्ति का समय पर भुगतान नहीं होना तथा शौचालय एवं पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी भी छात्रों के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है.उन्होंने विशेष रूप से जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं में पीएच.डी. मार्गदर्शकों की कमी का मुद्दा भी उठाया, जिससे संबंधित विषयों में शोध कार्य प्रभावित हो रहा है. कुलपति महोदया से आग्रह किया कि इन सभी समस्याओं पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए शीघ्र आवश्यक एवं ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जा सके
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