कोटद्वार,27 अपै्रल (आरएनएस)। विकासखंड दुगड्डा के राजस्व ग्राम ऐता में खोह नदी से करीब दो दशकों से कृषि जोत में भूकटाव हो रहा है। इस भूकटाव को रोकने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से अब नए सिरे से योजना तैयार की जाएगी। खोह नदी के तटीय क्षेत्र में ग्राम पंचायत सिमलचौड़ का ऐता गांव स्थित है। खोह नदी का जलस्तर बढऩे से विगत दो दशकों से गांव की कृषि जोत में भूकटाव जारी है। सिंचाई के लिए निर्मित हाईड्रम योजना के आगे के हिस्से में खोह नदी के तीव्र प्रवाह से ग्रामीणों की करीब दस नाली से अधिक कृषि भूमि नदी में समा गई है। भूकटाव का यह सिलसिला प्रतिवर्ष बरसात में हो रहा है। इसे रोकने के लिए अब विभाग नए सिरे से तैयारी कर रहा है। इस संबंध में सिंचाई विभाग के एसडीओ कुलदीप पाल ने बताया कि गांव में खोह नदी से हो रहे भूकटाव को रोकने के नए सिरे से योजना तैयार की जा रही है। उसे बजट स्वीकृति के लिए राज्य सेक्टर में भेजा जाएगा। बजट स्वीकृत होने के बाद भूकटाव रोकने के लिए निर्माण कार्य के लिए प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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