मुंगेली 28 अप्रैल (आरएनएस) धान खरीदी केंद्र से जुड़े एक बड़े आर्थिक घोटाले का पर्दाफाश हुआ है, जहां लाखों रुपये के गबन ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं और पुलिस की तेज़ कार्रवाई में केंद्र प्रभारी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है। मामला थाना पथरिया क्षेत्र के धान उपार्जन केंद्र धरदेई का है, जहां वर्ष 2025-26 के धान खरीदी सत्र के दौरान 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक खरीदी प्रक्रिया चली, लेकिन जांच में जो सामने आया उसने सभी को चौंका दिया। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित शाखा सरगांव में पदस्थ प्रार्थी मोहर दास आर्य ने शिकायत दर्ज कराई कि केंद्र प्रभारी कार्तिक राम ध्रुव (पिता स्व. भीखुराम, उम्र 53 वर्ष, निवासी झुलनाकला, थाना पथरिया) और सहयोगी कंप्यूटर ऑपरेटर संदीप दुबे की नियुक्ति के दौरान भारी गड़बड़ी हुई है। कलेक्टर कार्यालय की संयुक्त जांच टीम जब मौके पर पहुंची तो धान खरीदी रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच में 2156.08 क्विंटल धान की सीधी कमी पाई गई, जिसकी कीमत करीब 66 लाख 83 हजार 848 रुपये आंकी गई। जांच रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि आरोपी कार्तिक राम ध्रुव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कूटरचित तरीके से रिकॉर्ड में हेरफेर की, लापरवाही बरती और शासन को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया, साथ ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भी गंभीर लापरवाही उजागर हुई। इस खुलासे के बाद थाना पथरिया में अपराध क्रमांक 87/26 के तहत धारा 316(2) और 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देश पर जिले में आर्थिक अपराधों के खिलाफ सख्त अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा के मार्गदर्शन में पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की, गवाहों के बयान दर्ज किए गए, तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए और मुखबिर की सूचना पर 26 अप्रैल 2026 को आरोपी कार्तिक राम ध्रुव को नांदघाट, बेमेतरा से हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद धान खरीदी से जुड़े अहम दस्तावेज जब्त किए गए और 27 अप्रैल 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना पथरिया प्रभारी उपनिरीक्षक गिरजाशंकर गोस्वामी, साइबर सेल प्रभारी सत्येन्द्रपुरी गोस्वामी सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही, जबकि मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। फिलहाल यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि धान खरीदी जैसे संवेदनशील सिस्टम में गड़बड़ी करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू हो चुका है, और अब हर गड़बड़ी का हिसाब देना पड़ेगा।
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