सिरसा 28 अप्रैल (आरएनएस)। फरीदाबाद अग्निकांड में हुई दो फायर कर्मियों भवी चंद शर्मा और रणवीर सिंह की मौत के मामले में परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी व शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर कर्मचारियों का संघर्ष 21वें दिन भी जारी रहा। दूसरे दिन भूख हड़ताल पर रोहताश मेहरिया और अनिल मुंडाल बैठे। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान राजेश खिचड़ ने की। जिला प्रधान ने कहा कि फायर अधिकारी सरकार और जनता को गुमराह कर रहे हैं। फायर अधिकारियों द्वारा सरकार को फायर की सुचारू व्यवस्था की रिपोर्ट भेजी जा रही है, जबकि हकीकत कुछ और ही है। उन्होंने कहा कि रात्रि को तेज तूफान के कारण अनेक स्थानों पर आगजनी की घटनाएं हुई, जिसमें लोगों का लाखों रुपए का नुकसान भी हुआ है। प्रधान ने बताया कि फायर विभाग में मौजूदा समय में 12 गाडिय़ां है। फायर विभाग से मात्र 4 गाडिय़ां ही आग बुझाने के लिए गई, जबकि 8 गाडिय़ां कार्यालय में ही बिना चालकों के कारण खड़ी रही। उन्होंने आगजनी में जो जनता को नुकसान हुआ है, उसके लिए सीधे तौर पर फायर अधिकारियों को ही जिम्मेवार ठहराया है, क्योंकि अगर समय रहते सभी गाडिय़ां घटनास्थल पर पहुंच जाती तो नुकसान को कम किया जा सकता था। उन्होंने बताया कि कुल 58 कर्मचारियों में से 56 हड़ताल पर हैं, सिरसा स्टेशन पर गाडिय़ां चलाने के लिए दो रोडवेज के चालक और एक होमगार्ड का जवान वैकल्पिक तौर पर रखा हुआ है। धरनारत कर्मचारियों ने कहा कि जब तक मृतक कर्मचारियों को न्याय नहीं मिलता, संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर सुखदेव सिंह कोषाध्यक्ष, राजेन्द्र बिश्नोई, बलराम, अजय सैनी, सतबीर, देस राज, अशोक मेहला, कुलदीप झोरड़, रामनिवास, बलबीर बूटर सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
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