देहरादून,29 अपै्रल (आरएनएस)। उत्तरांचल विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज देहरादून में आयोजित राष्ट्रीय विधिक सहायता योजना ड्राफ्टिंग कम्पीटिशन में स्कूल ऑफ लॉ नारसी मोंजी बेंगलुरू को प्रथम, यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली को द्वितीय व हिमाचल प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी शिमला को तृतीय घोषित किया। बुधवार को राष्ट्रीय विधिक सहायता योजना ड्राफ्टिंग कम्पीटिशन का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी प्रतियोगिता के अंतिम मुकाबलें की जज थी। मुकाबले के दूसरे जज लॉ कॉलेज के डीन प्रो. राजेश बहुगुणा थे। बताया कि इस प्रतियोगिता में देश के 23 विश्वविद्यालयों की टीमों ने भागीदारी की। प्रतियोगिता का पहला राउंड ऑनलाइन माध्यम से हुआ जबकि अंतिम मुकाबला हाइब्रिड मोड में था। इस अवसर पर विधिक प्रगति नामक वार्षिक पत्रिका का भी विमोचन किया गया। मुख्यकर वरिष्ठ नागरिक, एचआईवी पीडि़त, कस्टोडियल डेथ सहित अनुसूचित जाति एवं जनजातियों के लिए अपनी प्रस्तावित योजनाओं को प्रदर्शित किया।मुख्य अतिथि सीमा ने समाज के सभी वर्गों खासकर पिछड़ें और हाशिए पर पड़े लोगों तक न्याय पहुंचाने में कानूनी मदद की सबसे अधिक अहमियत पर जोर दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. धर्मबुद्धि ने कानूनी पढ़ाई में ड्राफ्टिंग स्किल्स की अहमियत पर जोर दिया। इस दौरान विश्वविद्यालय के डा. राधेश्याम झा, वत्सल चैधरी, एडवोकेट नीतिश बुडोला, डा. रमाकांत त्रिपाठी, डा. भावना अरोड़ा आदि मौजूद थे।
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