ऋषिकेश,29 अपै्रल (आरएनएस)। एम्स ऋषिकेश में बुधवार को अप्रैल माह के अंतर्गत ‘हेड-नेक कैंसर जागरूकता माहÓ मनाया गया। जिसके जरिए आमजन और विशेषकर युवाओं को कैंसर बीमारी के प्रति जागरूक किया गया और समय पर जांच के महत्व को बताया गया। एम्स में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में निदेशक एवं सीईओ प्रो. डॉ. मीनू सिंह ने कहा कि हेड-नेक कैंसर केवल एक चिकित्सकीय समस्या नहीं है, बल्कि हमारी जीवनशैली का परिणाम है। यदि समय रहते जागरूकता और सावधानी बरती जाए, तो इस गंभीर बीमारी से बचाव संभव है। कैंसर चिकित्सा एवं रुधिर विज्ञान विभाग के सह आचार्य एवं कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित सहरावत ने कहा कि सिर और गर्दन का कैंसर आज भारत में तेजी से एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। पहले यह बीमारी मुख्यत: 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में देखी जाती थी, लेकिन अब युवाओं में इसके मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है, जो कि चिंता का विषय है। कैंसर रोग विशेषज्ञ एवं सह आचार्य डॉ. दीपक सुंदरियाल ने कहा कि हेड-नेक कैंसर के बढ़ते मामलों के पीछे तंबाकू और शराब का सेवन इसके प्रमुख कारक हैं, जिनका संयुक्त प्रभाव कैंसर के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है। इसके अलावा चुभने वाला दांत, मुंह की साफ सफाई की समस्या, वायु प्रदूषण, रसायनयुक्त भोजन, तनाव और अनियमित दिनचर्या भी इस बीमारी को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने युवाओं को इन आदतों से दूर रहने का सुझाव दिया। इस दौरान विशेषज्ञों ने हेड-नेक कैंसर से बचाव के उपायों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि तंबाकू और शराब से दूरी, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, मौखिक स्वच्छता जैसे उपाय इस बीमारी के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं। साथ ही समाज और सरकार को भी नशामुक्ति अभियान, स्वास्थ्य शिक्षा और नियमित स्क्रीनिंग को बढ़ावा देना चाहिए। इसके लिए व्यक्तिगत, संस्थागत और सामाजिक प्रयास करने होंगे। मौके पर कार्यक्रम संयोजक अंकित तिवारी, डॉ. हर्ष, डॉ. महेश, डॉ. सुनिकेश, डॉ. परिधि, डॉ. शीतल, दीपिका नेगी, अनुराग पाल, दानीराम, विनीता, आरती, हिमानी, अरविंद आदि उपस्थित रहे।
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