रायपुर, 30 अप्रैल (आरएनएस)। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ में महिला श्रमिकों की भूमिका और उनके बढ़ते योगदान पर विशेष ध्यान आकर्षित हो रहा है। राज्य की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है और वे अब केवल श्रम तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से भी सशक्त बन रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं पहले से ही कृषि, वनोपज संग्रहण, तेंदूपत्ता तोडऩे और हस्तशिल्प जैसे कार्यों में सक्रिय रही हैं। वहीं शहरी इलाकों में उनकी भागीदारी निर्माण कार्य, घरेलू सेवाओं और छोटे व्यवसायों में तेजी से बढ़ी है। इस बदलाव से महिलाओं की पहचान और आत्मनिर्भरता को नई दिशा मिली है।
हालांकि, असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को लंबे समय तक कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इनमें उचित वेतन की कमी, कार्यस्थल पर सुरक्षा का अभाव, सीमित स्वास्थ्य सुविधाएं और मातृत्व लाभों की कमी प्रमुख रही हैं। सामाजिक सोच भी कई बार उनके आगे बाधा बनी है।
राज्य सरकार ने इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए महिला श्रमिकों के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नई श्रमिक नीतियों के तहत न्यूनतम मजदूरी, कार्यस्थल सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। महिला शक्ति केंद्रों और सखी वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से महिलाओं को कानूनी, सामाजिक और पुनर्वास सहायता प्रदान की जा रही है।
इसके अलावा, कई योजनाएं महिला श्रमिकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में सहायक साबित हो रही हैं। मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत प्रसूति के बाद आर्थिक सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना और दीदी ई-रिक्शा योजना महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर रही हैं। वहीं महतारी वंदन योजना के जरिए महिलाओं को नियमित आर्थिक सहयोग मिल रहा है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ा जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों के जरिए उनकी आय बढऩे के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता का भी विकास हो रहा है।
आज छत्तीसगढ़ की महिला श्रमिक विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। योजनाओं की पहुंच और बढ़ती जागरूकता ने उनमें आत्मविश्वास बढ़ाया है, जिससे समाज में उनका सम्मान भी बढ़ रहा है। यह बदलाव न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का भी संकेत है।
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