रायपुर, 30 अप्रैल (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। हंगामे के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सदन में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के लिए शासकीय संकल्प प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए चार घंटे का समय निर्धारित किया गया।
मुख्यमंत्री के प्रस्ताव के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने अशासकीय संकल्प प्रस्तुत किया, जिसे आसंदी ने स्वीकार नहीं किया। इस पर उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार पहले निंदा प्रस्ताव की बात कर रही थी, लेकिन प्रस्तुत प्रस्ताव में उस विषय का उल्लेख नहीं है।
इसके बाद विपक्ष ने सदन में जोरदार विरोध शुरू कर दिया। विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर जनता, खासकर महिलाओं को गुमराह किया जा रहा है।
चर्चा के दौरान भाजपा विधायक लता उसेंडी ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि महिला आरक्षण विधेयक को आगे बढऩे से रोकने में विपक्ष की भूमिका रही है और महिलाओं की भावनाओं की अनदेखी की गई है।
वहीं कांग्रेस की ओर से अनिला भेडिय़ा ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण की समर्थक है और इसे जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नारी सम्मान और अस्मिता की रक्षा समाज की प्राथमिकता होनी चाहिए।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर जारी इस बहस के दौरान सदन का माहौल लगातार गरमाया रहा और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा।
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