जगदलपुर, 30 अप्रैल (आरएनएस)। बस्तर क्षेत्र में नक्सल मोर्चे से एक अहम घटनाक्रम सामने आया है, जहां माओवादी संगठन के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। नॉर्थ कोऑर्डिनेशन कमेटी (NCC) द्वारा जारी ताजा बयान में आत्मसमर्पण कर चुके वरिष्ठ माओवादी नेता वेणुगोपाल देवजी पर कड़ा रुख अपनाया गया है।
एनसीसी ने अपने प्रेस नोट में देवजी को संगठन से पूरी तरह अलग बताते हुए उन्हें विश्वासघाती करार दिया है। संगठन का कहना है कि उनके आत्मसमर्पण के बाद अब उनका माओवादी ढांचे से कोई लेना-देना नहीं रह गया है। इस बयान के बाद संगठन के भीतर चल रहे मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, देवजी के आत्मसमर्पण को लेकर पहले से ही असंतोष की स्थिति बनी हुई थी, जिसे अब सार्वजनिक बयान ने और स्पष्ट कर दिया है। एनसीसी ने अपने बयान में यह भी दोहराया है कि उनका आंदोलन जारी रहेगा और वे सशस्त्र संघर्ष के रास्ते पर ही आगे बढ़ेंगे।
प्रेस नोट में संगठन ने यह दावा भी किया कि कमजोर पडऩे के बावजूद उनका नेटवर्क सक्रिय है और गोरिल्ला युद्ध के माध्यम से गतिविधियां जारी रहेंगी। साथ ही, देवजी द्वारा संगठन पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग को व्यक्तिगत राय बताते हुए खारिज कर दिया गया है।
हालांकि, एनसीसी ने संगठन में किसी भी तरह के आंतरिक मतभेद से इनकार करते हुए एकजुटता का दावा किया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद नक्सल गतिविधियों को लेकर क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है, वहीं सुरक्षा एजेंसियां भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
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