सारंगढ़-बिलाईगढ़ 30 अप्रैल 2026(आरएनएस ) छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा 2026 के नतीजों में ऐसा प्रदर्शन किया है जिसने शिक्षा के नक्शे पर जिले की तस्वीर ही बदल दी, जहां साल 2025 में 32वें स्थान पर खड़ा यह जिला महज एक साल में जबरदस्त उछाल लेते हुए 10वीं में 11वां और 12वीं में 9वां स्थान हासिल कर टॉप जिलों की कतार में आ खड़ा हुआ, यह सिर्फ रैंकिंग नहीं बल्कि रणनीति, मेहनत और सामूहिक प्रयास की बड़ी जीत है, इसी के साथ जिले के होनहार विद्यार्थियों ने भी राज्य स्तर पर अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई, 10वीं में मोना मॉडर्न स्कूल बरमकेला के छात्र हेमंत पटेल ने 97.50 प्रतिशत अंक के साथ पूरे प्रदेश में 10वां स्थान हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया तो वहीं 12वीं में शासकीय बालक हायर सेकेंडरी विद्यालय सरिया के छात्र शिवम दुबे ने 96.60 प्रतिशत के साथ राज्य में 9वीं रैंक पाकर इतिहास रच दिया, इन उपलब्धियों के पीछे सिर्फ नंबर नहीं बल्कि संघर्ष की कहानियां हैं, शिवम दुबे ने पिता के निधन के बाद भी हालात से हार नहीं मानी, मां और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच पढ़ाई जारी रखी और अपने जुड़वा भाई के साथ सफलता की नई कहानी लिखी, वहीं किसान परिवार से आने वाले आमापाली गांव के हेमंत पटेल ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को उड़ान दी और राज्य स्तर पर अपनी पहचान बनाई, जिले की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे और जिला शिक्षा अधिकारी जे.आर. डहरिया के नेतृत्व में शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों की मजबूत टीमवर्क की अहम भूमिका रही जिसने शिक्षा को मिशन बनाकर जमीन पर काम किया, पूरे जिले में इस सफलता को लेकर उत्साह और गर्व का माहौल है, स्कूल प्रबंधन से लेकर प्रशासन तक हर स्तर पर इस उपलब्धि को सामूहिक जीत बताया जा रहा है, कलेक्टर ने सभी सफल छात्रों को बधाई देते हुए असफल विद्यार्थियों को भी हिम्मत न हारने की सलाह दी और साफ कहा कि परीक्षा हर साल आती है लेकिन जिंदगी अनमोल है, इसलिए किसी भी हाल में निराशा को खुद पर हावी न होने दें, गौरतलब है कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ की यह छलांग सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं बल्कि एक मजबूत संदेश है कि सही दिशा, निरंतर मेहनत और ठोस नेतृत्व हो तो कोई भी जिला पीछे नहीं रहता, फिलहाल यह उपलब्धि आने वाले वर्षों के लिए एक नई प्रेरणा बन चुकी है और बता रही है कि अब शिक्षा के मैदान में यह जिला रुकने वाला नहीं है।


