नई दिल्ली लखनऊ 30 अप्रैल (आरएनएस ) में बहुजन समाज पार्टी की राज्यवार समीक्षा बैठकों के क्रम में गुरुवार को पंजाब और हरियाणा इकाइयों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें दोनों राज्यों के राजनीतिक और सामाजिक हालात पर विस्तार से चर्चा की गई। पार्टी ने इन राज्यों में व्याप्त अव्यवस्था, अराजकता, भ्रष्टाचार तथा आमजन और किसानों के प्रति कथित विरोधी रवैये को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रूड्ड4ड्ड2ड्डह्लद्ब ने बैठकों की अध्यक्षता करते हुए संगठन की जमीनी मजबूती और जनाधार बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने 22 फरवरी 2026 को हुई अखिल भारतीय बैठक में दिए गए दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए जहां संतोषजनक कार्यों की सराहना की, वहीं कमजोरियों को दूर कर पूरे समर्पण के साथ अम्बेडकरवादी मिशन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।बैठक में पंजाब और हरियाणा में बढ़ते जनआक्रोश को सरकारी दबाव से दबाए जाने की तीखी निंदा की गई। पार्टी ने कहा कि आमजन और किसानों से जुड़े मुद्दों पर सरकारों का रवैया जनविरोधी रहा है और लोकतांत्रिक तरीके से इस आक्रोश को व्यक्त करने की भी पर्याप्त अनुमति नहीं मिल रही है। बसपा ने जनता से अपील की कि वे अपने मताधिकार का सही प्रयोग कर लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दें।पंजाब के राजनीतिक परिदृश्य पर टिप्पणी करते हुए मायावती ने कहा कि बहुजन समाज के महानायक ्यड्डठ्ठह्यद्धद्ब क्रड्डद्व की जन्मस्थली होने के बावजूद राज्य में उनके आंदोलन को अपेक्षित चुनावी सफलता नहीं मिल पाना चिंताजनक है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अधिक मेहनत और लगन के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकें और यह कांशीराम को सच्ची श्रद्धांजलि साबित हो।हरियाणा के संदर्भ में भी उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों में सरकारों की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सर्वजन हित और सुरक्षा के मुद्दों पर भी सरकारें अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही हैं।बसपा प्रमुख ने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की तरह पंजाब में भी आगामी वर्ष की शुरुआत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, ऐसे में संगठन को मजबूत करने के साथ चुनावी तैयारियों को तेज करना जरूरी है। उन्होंने साफ-सुथरी छवि वाले और समर्पित कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने तथा आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को पार्टी से दूर रखने पर विशेष बल दिया, जिसे उन्होंने पार्टी की मूल नीति और सिद्धांत बताया।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

