महासमुंद 1 मई (आरएनएस) नशे के नेटवर्क पर पुलिस ने ऐसा वार किया कि तस्करों की पूरी चालाकी धरी की धरी रह गई, 30 अप्रैल 2026 को मिली सटीक मुखबिर सूचना पर एन्टी नारकोटिक टास्क फोर्स और थाना सरायपाली पुलिस ने ग्राम अर्जुंदा के पास जाल बिछाया और कुछ ही देर में ओडिशा की ओर से आ रहे दो मोटरसाइकिलों को शक के आधार पर रोका गया, पहली बाइक HF डीलक्स क्रमांक CG 04 J 0982 पर एक युवक अपनी पत्नी के साथ पहुंचा, कुछ ही देर बाद दूसरी बाइक हीरो ग्लैमर क्रमांक CG 04 L 1778 पर एक अन्य युवक अपनी पत्नी के साथ बोरी में सामान लेकर पहुंचा, दोनों के बीच जैसे ही बोरी का आदान-प्रदान हुआ, पुलिस ने घेराबंदी कर चारों को दबोच लिया, जांच में बोरी के अंदर 10 किलो 270 ग्राम अवैध गांजा मिला जिसकी कीमत करीब 2 लाख रुपये आंकी गई, पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गांजा ओडिशा से लाकर सरायपाली के देवलभाटा में खपाने की योजना थी और आरोपी इसे पुड़िया-पुड़िया बनाकर बेचने की तैयारी में थे, इतना ही नहीं आरोपी पति-पत्नी के साथ यात्रा कर पुलिस को परिवार का रूप दिखाकर चकमा देने की कोशिश कर रहे थे लेकिन सटीक सूचना और त्वरित कार्रवाई ने उनकी पूरी साजिश नाकाम कर दी, गिरफ्तार आरोपियों में शंकर बेहरा पिता मोहन बेहरा उम्र 45 वर्ष निवासी देवलभाटा थाना सरायपाली जिला महासमुंद, उसकी पत्नी चंचल बेहरा उम्र 30 वर्ष, कपिल बकुल पिता पवन बकुल उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम तालमलखा थाना घंटापाड़ा जिला बौद्ध ओडिशा और उसकी पत्नी रश्मि बकुल उम्र 20 वर्ष शामिल हैं, पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से गांजा के साथ दो मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए जिनकी कुल कीमत करीब 3 लाख 15 हजार रुपये है, सभी के खिलाफ नारकोटिक एक्ट की धारा 20(B) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है, गौरतलब है कि महासमुंद पुलिस पिछले तीन महीनों में 81 प्रकरणों में 5779.831 किलो गांजा जब्त कर 213 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है जिनमें 53 छत्तीसगढ़ और 160 अन्य राज्यों के आरोपी शामिल हैं, फिलहाल इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि नशे का कारोबार चाहे जितनी चालाकी से किया जाए, पुलिस की नजर और पकड़ से बचना अब नामुमकिन होता जा रहा है।
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