कुशीनगर, 01 मई (आरएनएस)। विकास भवन के सभागार में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित लखपति महिला कार्यक्रम की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि, स्वरोजगार के अवसरों का सृजन तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष रूप से जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने कार्यक्रम की प्रगति की विभागवार समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि जनपद में चिन्हित की गई महिलाओं को आजीविका के विभिन्न आयामों जैसे कृषि आधारित गतिविधियां, पशुपालन, लघु उद्यम, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण एवं अन्य स्वरोजगार गतिविधियों से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक चयनित महिला को उसकी रुचि एवं स्थानीय संसाधनों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान किए जाए। जिससे उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि स्वयं सहायता समूहों को बैंक लिंकेज के माध्यम से समय पर ऋण उपलब्ध कराया जाए तथा उन्हें आवश्यक वित्तीय सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन एवं विपणन की सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि समूहों द्वारा उत्पादित वस्तुओं के विपणन हेतु स्थानीय बाजारों, मेलों, हाट-बाजार, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म एवं सरकारी आयोजनों में स्टॉल उपलब्ध कराए जाएं ताकि उत्पादों को बेहतर बाजार मिल सके। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि लखपति दीदी कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत में अधिक से अधिक पात्र महिलाओं का चयन कर उन्हें योजनाओं से आच्छादित किया जाए तथा उनकी प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही सफल महिलाओं के उदाहरणों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अन्य महिलाओं को भी प्रेरित करने पर बल दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित करते हुए लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति करें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव, उपायुक्त स्वयं सहायता समूह, जिला मिशन प्रबंधक, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं मिशन से जुड़े कार्मचारी उपस्थित रहे।
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