हक की लड़ाई तेज करने का लिया संकल्प
सुल्तानपुर 1 मई (आरएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस (मई दिवस) के अवसर पर शुक्रवार को शहर के राजीव गांधी पार्क में संयुक्त मजदूर मंच द्वारा एक विशाल सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं और मजदूरों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों के प्रति आवाज बुलंद की।
सभा को मुख्य रूप से कॉमरेड अशोक शुक्ला (संयोजक सीटू, अध्यक्ष यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन एवं पूर्व केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य) ने संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने मजदूरों के गौरवशाली इतिहास और उनके संघर्षों पर प्रकाश डाला। मई दिवस केवल एक अवकाश नहीं, बल्कि दुनिया भर के उन मजदूरों के बलिदान का प्रतीक है जिन्होंने काम के घंटे तय करने और गरिमापूर्ण जीवन के लिए अपना खून बहाया। आज के दौर में श्रम कानूनों में किए जा रहे बदलाव और निजीकरण की नीतियों ने कामगारों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। हमें बैंक, रेल, बीमा और अन्य सरकारी संस्थानों को बचाने के लिए एक बड़ा और संगठित आंदोलन खड़ा करना होगा। सभा में वक्ताओं ने वर्तमान आर्थिक नीतियों की आलोचना करते हुए निम्नलिखित मुद्दों पर जोर दिया। श्रम सुधारों के नाम पर शोषण नए लेबर कोड्स को मजदूर विरोधी बताते हुए उन्हें वापस लेने की मांग की गई। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के बेतहाशा निजीकरण को देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिए घातक बताया गया। असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई।
संयुक्त मजदूर मंच के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम में बैंक कर्मचारी संगठनों, बीमा क्षेत्र, चिकित्सा प्रतिनिधियों और सीटू से जुड़े सैकड़ों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में शहीद मजदूरों को मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया गया।
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