– तीन महीने से गड्ढों में फंसी जिंदगी
तंबौर/सीतापुर 1 मई (आरएनएस)। रेउसा-तंबौर मुख्य मार्ग से जुड़ा चकपुरवा से मुडीला जाने वाला संपर्क मार्ग इन दिनों बदहाली की चरम सीमा पर है। विकास के नाम पर शुरू हुआ कार्य अब लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। करीब तीन महीने पहले चकपुरवा में बनी आरसीसी सड़क के दोनों किनारों को चौड़ीकरण के नाम पर जेसीबी से खोद दिया गया, लेकिन इसके बाद काम अधूरा छोड़ दिया गया। सड़क के दोनों तरफ गहरे नालीनुमा गड्ढे बन जाने से हालात ऐसे हो गए हैं कि वाहन चलाना तो दूर, पैदल निकलना भी खतरे से खाली नहीं है। हर रोज इस मार्ग से गुजरने वाले छात्र, मरीज और ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि कार्यस्थल पर कोई डैशबोर्ड तक नहीं लगाया गया, जिससे यह साफ नहीं हो पा रहा कि काम किस विभाग द्वारा और किस लागत से कराया जा रहा है। इससे पूरे मामले में पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मुख्य मार्ग से जुड़े होने के कारण चकपुरवा के दुकानदार और स्थानीय लोग इस बदहाल रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। मुडीला, दतूनी, गोरखापुर, मक्कपुरवा, जुआपुरवा, सुमेर, ऊंचगांव, सिकरी बेहटा समेत कई दर्जन गांवों के लोग पिछले तीन महीनों से इस अव्यवस्था का दंश झेल रहे हैं। क्षेत्र में बढ़ती परेशानी और लगातार हो रही अनदेखी से लोगों में आक्रोश साफ नजर आ रहा है। पूर्व प्रधान राजकिशोर कनौजिया, संतोष वर्मा, अवधेश कुमार, राजू, विनोद जायसवाल, जगतपाल यादव सहित कई ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अधूरे पड़े इस कार्य को जल्द पूरा कराया जाए और लोगों को इस मुसीबत से राहत दिलाई जाए। फिलहाल, सवाल यही हैकृक्या यही है विकास, जहां सड़क कम और गड्ढे ज्यादा नजर आते हैं?।
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