नई टिहरी,01 मई (आरएनएस)। भिलंग पट्टी क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है। रगड़ी (सांकरी) में राजकीय महाविद्यालय खोलने की प्रक्रिया तेज हो गई है और इसके लिए 1.963 हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। साथ ही प्रयास है कि नए शिक्षण सत्र से वैकल्पिक व्यवस्था के तहत प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाए। भिलंगना ब्लॉक में उच्च शिक्षा के सीमित विकल्पों के कारण छात्र-छात्राओं को लंबे समय से परेशानी झेलनी पड़ रही है। वर्तमान में बालगंगा अशासकीय महाविद्यालय, सेंदुल ही एकमात्र संस्थान है, जहां घनसाली और ढुंगमंदार पट्टी के छात्र-छात्राएं दूर-दराज से पढऩे पहुंचते हैं। संसाधनों की कमी के चलते यहां बीए और बीएससी में सात विषय तथा एमए में केवल तीन विषय ही संचालित हैं। भिलंग पट्टी के 32 से अधिक गांवों में कोई भी सरकारी या निजी महाविद्यालय नहीं होने से छात्रों को नई टिहरी, श्रीनगर या देहरादून जाना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह संभव नहीं हो पाता, जिससे कई छात्र उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। क्षेत्र में लंबे समय से महाविद्यालय की मांग की जा रही थी। वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घनसाली विधानसभा क्षेत्र में राजकीय महाविद्यालय खोलने की घोषणा की थी, जिसके बाद प्रशासन ने भूमि चयन की प्रक्रिया शुरू की। विधायक शक्ति लाल शाह ने बताया कि चयनित भूमि का उच्च शिक्षा विभाग की समिति द्वारा निरीक्षण कर रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि इसी वर्ष नए सत्र से वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कक्षाएं शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। महाविद्यालय की स्थापना से गंगी, घुत्तू, दरजियाणा, समणगांव, सांकरी, जुदांणा, पोखार, गवाणा तल्ला, लोम, थाती, भाटगांव, जंदोली, दोपड़धार, बंजिगा और धारगांव सहित आसपास के कई गांवों के छात्र-छात्राओं को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा का लाभ मिल सकेगा।
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