तेहरान, 03 मई। ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका को 14-सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है। इसे पाकिस्तान के जरिए ट्रंप प्रशासन द्वारा प्रस्तावित 9-सूत्रीय ढांचे के जवाब में भेजा गया है। इसमें युद्ध खत्म करने और नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करने समेत कई मांगें की गई हैं। प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह नए प्रस्ताव की जल्द ही समीक्षा करेंगे, लेकिन उन्हें गहरा शक है कि ईरान की शर्तें अमेरिका को स्वीकार्य होंगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका से लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करने, नौसैनिक नाकाबंदी हटाने, पश्चिम एशिया से सेना वापस बुलाने और होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए एक नया शासन तंत्र स्थापित करने की मांग की है। इसके अलावा ईरान पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंधों को हटाना, उसकी जब्त की गई संपत्तियों को लौटाना और युद्ध के दौरान हुए नुकसान का मुआवजा देना भी शामिल है।
ईरान के प्रस्ताव पर ट्रंप ने कहा, ‘मैं जल्द ही उस योजना की समीक्षा करूंगा, जो ईरान ने अभी-अभी हमें भेजी है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह स्वीकार्य होगी, क्योंकि पिछले 47 वर्षों में उन्होंने मानवता और दुनिया के साथ जो कुछ भी किया है, उसके लिए उन्होंने अभी तक पर्याप्त कीमत नहीं चुकाई है।’ ट्रंप ने एक अलग बयान में ईरान पर नए अमेरिकी हमलों की संभावना का भी संकेत दिया।
ईरान के उप विदेश मंत्री कासिम गरीबाबादी ने कहा कि यह अमेरिका पर निर्भर करता है कि वह बातचीत के जरिए समझौता करे या खुले युद्ध की ओर लौटे हम दोनों के लिए तैयार हैं। गरीबाबादी ने तेहरान में राजनयिकों से कहा, अब अमेरिका को कूटनीति का मार्ग चुनना है या टकरावपूर्ण दृष्टिकोण जारी रखना है। ईरान अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दोनों रास्तों के लिए तैयार है।
यह घटनाक्रम ऐसे वक्त सामने आया है, जब अमेरिका ने कथित तौर पर एक 9-सूत्रीय प्रस्ताव ईरान के साथ साझा किया था, जिसमें 2 महीने के युद्धविराम की समयसीमा शामिल थी। हालांकि, ईरान अस्थायी युद्धविराम में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है और 30 दिनों के भीतर एक पूर्ण समाधान चाहता है। अभी भी दोनों देशों में परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज का नियंत्रण समेत कई मुद्दों पर गंभीर मतभेद बने हुए हैं।
००
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

