तेल अवीव,03 मई। इजराइली सेना ने कहा कि उसने शनिवार को दक्षिणी लेबनान में टारगेट पर कई हमले किए. इजराइली रक्षा बल ने कहा कि उसकी सेना ने पिछले दिन दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह से जुड़ी कई जगहों पर हमले किये. इसे उसने हमलों की प्लानिंग और सपोर्ट करने के लिए इस्तेमाल होने वाले मिलिटेंट इंफ्रास्ट्रक्चर बताया.
इजराइली रक्षा बल ने कहा, पिछले दिन आईडीएफ ने हिज्बुल्लाह से जुड़े कई ठिकानों पर हमले किये और उन्हें खत्म कर दिया. इसमें यह भी कहा गया कि कई इलाकों में करीब 70 मिलिट्री स्ट्रक्चर और लगभग 50 हिज़्बुल्लाह से जुड़े ठिकानों को खत्म कर दिया गया. इजराइली रक्षा बल के मुताबिक टारगेट में कमांड सेंटर, हथियार रखने की जगहें, मिलिट्री बिल्डिंग और दूसरी जगहें शामिल थी. इनका इस्तेमाल कथित तौर पर इजराइली सेना के खिलाफ हमलों को आगे बढ़ाने के लिए किया जाता था.
बयान में कहा गया, इजराइली रक्षा बल राजनीतिक स्तर के निर्देशों के अनुसार इजराइली नागरिकों और इजराइली रक्षा बल सैनिकों को मिलने वाले खतरों के खिलाफ काम करना जारी रखेगा. एक अलग घटनाक्रम में आईडीएफ ने दक्षिणी गाजा पट्टी में हुई घटनाओं की रिपोर्ट करते हुए कहा कि सैनिकों ने चार लड़ाकों की पहचान की जो येलो लाइन पार करके इजराइली ठिकानों के पास पहुँचे थे.
इसमें आगे कहा गया, पहचान के बाद सैनिकों ने खतरे को खत्म करने के लिए लड़ाकों पर फायरिंग की. तीन लड़ाके मारे गए और एक और हिट की पहचान की गई. आईडीएफ ने कहा कि उसकी सदर्न कमांड फोर्स सीजफायर एग्रीमेंट के अनुसार तैनात है और तुरंत आने वाले खतरों का मुकाबला करने के लिए ऑपरेशन जारी रखेगी.
ये डेवलपमेंट हिज़्बुल्लाह लीडरशिप के कड़े रुख के बीच हो रहे हैं. हिज़्बुल्लाह चीफ नईम कासिम ने 27 अप्रैल को रिपोर्ट के अनुसार इजराइल के साथ सीधी बातचीत में शामिल होने से ग्रुप के इनकार को दोहराया और इजराइली आक्रमण के खिलाफ लगातार विरोध पर जोर दिया.
कासिम ने कहा कि सीधी बातचीत अभी भी सवाल से बाहर है और ग्रुप के मिलिट्री रुख पर जोर देते हुए कहा, हम हथियार नहीं छोड़ेंगे, और डिफेंस और फील्ड ने टकराव के लिए हमारी तैयारी साबित कर दी है.
रिपोर्ट के मुताबिक हिज़्बुल्लाह चीफ ने लेबनान सरकार के डिप्लोमैटिक तरीके की भी बुराई की.
उन्होंने आगे कहा, अधिकारियों ने बिना वजह और बिना वजह रियायत देने की जल्दबाजी की और हम सीधी बातचीत से साफ मना करते हैं. अधिकारियों को सीधी बातचीत बंद करके इनडायरेक्ट बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए. मौजूदा सिक्योरिटी सिस्टम की कमज़ोरी को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने और भी ज़्यादा हाईलाइट किया, जिन्होंने 26 अप्रैल को कहा कि लेबनान में सीजफायर के इंतजाम को हिज़्बुल्लाह कमजोर कर रहा है.
नेतन्याहू ने चेतावनी दी कि इजराइल उत्तरी बॉर्डर पर सिक्योरिटी पक्का करने के लिए ताकत से जवाब देगा, और कहा कि इसके उलट सोच के बावजूद, आईडीएफ एक्टिव रूप से शामिल है. प्रधानमंत्री ने कहा, लेबनान के बारे में किसी को यह लग सकता है कि आईडीएफ वहाँ एक्टिव नहीं है.
यह एक्टिव है, और यह ताकत से काम कर रही है. यह समझना होगा कि हिज़्बुल्लाह के उल्लंघन असल में सीजफायर को खत्म कर रहे हैं. इजराइली नेता ने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों और सैनिकों की सुरक्षा सबसे जरूरी है, खासकर उत्तरी इलाके में. उन्होंने कहा कि इजराइली सेना अमेरिका के साथ तय नियमों के तहत और लेबनान से जुड़े कोऑर्डिनेशन फ्रेमवर्क के अंदर काम कर रही है.
मिलिट्री एक्टिविटी और बयानबाजी में यह बढ़ोतरी 23 अप्रैल को अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर को तीन हफ़्ते बढ़ाने के ऐलान के बाद हुई है. अमेरिकी प्रशासन ने इशारा किया था कि वह हिज़्बुल्लाह के असर से खुद को बचाने की लेबनान की काबिलियत को मजबूत करने के लिए उसके साथ काम करेगा.
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