जौनपुर 4 मई (आरएनएस )। दुल्हा आजाद बिंद हत्याकांड से जुड़े आरोपियों के साथ हुई पुलिस मुठभेड़ के बाद घायल अभियुक्तों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे पत्रकारों को अस्पताल परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों ने कवरेज करने से रोक दिया। मौजूद पत्रकारों का आरोप है कि उन्हें न केवल रिपोर्टिंग से रोका गया, बल्कि कुछ पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और अपमानजनक टिप्पणी भी की। इस घटना के बाद मीडिया कर्मियों में नाराजगी देखी जा रही है।इसी बीच एक और मामला सामने आया है, जिसमें जिला पुलिस के आधिकारिक मीडिया ग्रुप में घायल आरोपियों की तस्वीरें साझा की गईं। इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं कि जब पत्रकारों को मौके पर कवरेज से रोका गया, तो पुलिस द्वारा खुद तस्वीरें जारी करना किस तरह उचित है। पत्रकार संगठनों ने इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी आलोचना करते हुए निष्पक्ष जांच और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं पे्रस की स्वतंत्रता और पारदर्शिता पर सवाल सवाल तो है ही पुलिस अपने करतूतों को छिपाने का प्रयास भी है।
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