प्रयागराज 4 मई (आरएनएस)। सिमपोजियम की थीम ‘रक्षा त्रिवेणी संगम – जहां प्रौद्योगिकी, उद्योग और सैनिक कौशल का संगम होता हैÓ है, जो चुनौतियों से निपटने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देगा। भारतीय सेना बदलती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार नवाचार पर जोर दे रही है।
ऐसे में 284 कंपनियां, जिसमें एमएसएमई, निजी रक्षा फर्में, स्टार्टअप्स और सैन्य कर्मी शामिल हैं। अपने नवाचारों को स्टॉलों पर प्रदर्शित किया जा रहा है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य फील्ड तैनाती व रखरखाव के लिए उपयुक्त प्रौद्योगिकियों की पहचान कर खरीद प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है, ताकि भारतीय सेना में आत्मनिर्भर रक्षा प्रणाली मजबूत हो।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रक्षा त्रिवेणी संगम कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए पहुंचे। यहां पर उन्होंने रक्षा प्रौद्योगिकी एवं रक्षा संबंधित अन्य सभी क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों में पब्लिक सेक्टर की भागीदारी को लेकर हो रहे कार्यक्रम में अपना विचार प्रस्तुत किया। इस दौरान उन्होंने रक्षा में हो रहे विकास कार्यों के साथ-साथ आधुनिक रक्षा एवं युद्ध शैली पर भी अपनी राय प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि 1947 के बाद से लेकर अब तक विश्व बल्कि भारत में भी रक्षा के क्षेत्र में कई परिवर्तन देखने को मिले जिसमें मुख्य रूप से रक्षा से संबंधित नई-नई प्रौद्योगिकी एवं अन्य समसामयिक वस्तुओं के आगमन के साथ-साथ रक्षा तकनीक में साधारण से साधारण वस्तुओं का इस्तेमाल कर अत्याधुनिक हथियारों मैं परिवर्तन करने की क्षमता उभर के सामने आई है इस पर भी प्रकाश डाला।
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