लखनऊ, 04 मई 2026। उत्तर प्रदेश में डेयरी सेक्टर को सशक्त बनाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में दुग्धशाला विकास विभाग एक अहम पहल करने जा रहा है। इसी क्रम में 05 मई 2026 को मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में ‘स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागमÓ का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम की थीम “स्वदेशी उन्नत गोवंश, समृद्ध निवेश, सुरक्षित भविष्य—खुशहाल उत्तर प्रदेश” रखी गई है।
इस समागम में मेरठ और सहारनपुर मंडल के किसान, पशुपालक, उद्यमी और निवेशक एक मंच पर एकत्र होंगे। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव (पशुधन, मत्स्य एवं दुग्ध विकास) मुकेश मेश्राम और दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। साथ ही क्षेत्र के प्रगतिशील पशुपालक और निवेशक अपने अनुभव साझा करेंगे, जिससे अन्य किसानों को आधुनिक डेयरी प्रबंधन की जानकारी और प्रेरणा मिल सके।
समागम के दौरान नंद बाबा दुग्ध मिशन और दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 जैसी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त निजी क्षेत्र के निवेशकों द्वारा स्टॉल लगाकर डेयरी उत्पादों और नवीन तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। विशेषज्ञों द्वारा स्वदेशी नस्लों के संरक्षण, आधुनिक तकनीक के उपयोग और डेयरी व्यवसाय में उपलब्ध नए अवसरों पर विस्तार से चर्चा होगी।
यह आयोजन डेयरी क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार की यह पहल किसानों के लिए आय वृद्धि, रोजगार सृजन और निवेश के नए अवसर खोलने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
प्रदेश सरकार का उद्देश्य उन्नत स्वदेशी गोवंश को प्रोत्साहित कर डेयरी सेक्टर को मजबूत बनाना है, ताकि किसानों की आमदनी बढ़े और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिले। उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य में डेयरी क्षेत्र को एक महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।

