देहरादून,04 मई (आरएनएस)। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग ने आधुनिक टवी तकनीक से 59 वर्षीय हाई-रिस्क हृदय रोगी का सफल उपचार कर चिकित्सा क्षेत्र में एक नई उपलब्धि दर्ज की है। मरीज गंभीर कैल्सिफिक एओर्टिक स्टेनोसिस और पोर्सलीन एओर्टा जैसी जटिलताओं से पीडि़त था। इस स्थिति के कारण पूर्व में उसकी ओपन-हार्ट सर्जरी बीच में ही रोकनी पड़ी थी और पारंपरिक सर्जरी संभव नहीं थी। विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. तनुज भाटिया के नेतृत्व में कार्डियक सर्जन डॉ. अशोक जयंत, सीनियर एनेस्थेटिस्ट डॉ. हरि ओम खंडेलवाल, डॉ. जयकृत चौधरी, डॉ. मणिक, डॉ. पराग और डॉ. वसु की टीम ने इस चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया को अंजाम दिया। टीम ने कैथेटर के माध्यम से बिना छाती खोले सुरक्षित रूप से नया एओर्टिक वाल्व प्रत्यारोपित किया। डॉ. भाटिया ने बताया कि टवी एक क्रांतिकारी और सुरक्षित तकनीक है। इससे सर्जरी का जोखिम घटता है और मरीज जल्दी रिकवर होकर सामान्य जीवन में लौट सकता है।
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