लखनऊ, 5 मई (आरएनएस ) । अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण और बिजली बिल के मुद्दे पर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई हैं। उन्होंने कहा कि ‘पीडीएÓ की ओर से मांग है कि संसद में पारित महिला आरक्षण कानून को वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में लागू करने की घोषणा भाजपा सरकार तत्काल करे।अखिलेश यादव ने कहा कि यदि सरकार इस संबंध में स्पष्ट घोषणा नहीं करती है, तो समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को लगातार जन-जन तक उठाती रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगी महिलाओं को वास्तविक आरक्षण देने के पक्ष में नहीं हैं।उन्होंने पश्चिम बंगाल के संदर्भ में भी टिप्पणी करते हुए कहा कि वहां परिणाम मनमर्जी से घोषित किए गए हैं, ऐसे में मुख्यमंत्री चयन भी उसी परंपरा के अनुरूप हो सकता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इस बार ‘पर्चीÓ ऐसे नाम की निकलनी चाहिए जो ऐतिहासिक रूप से महिलाओं के प्रति नकारात्मक सोच का प्रतीक रही भूमिका से जुड़ा रहा हो।इसके साथ ही अखिलेश यादव ने प्रीपेड बिजली मीटर के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जनता के विरोध के चलते सरकार को अपनी “भ्रष्टाचारी व्यवस्था” से पीछे हटना पड़ा है, जो जनशक्ति की जीत है। उन्होंने मांग की कि प्रीपेड मीटर के जरिए जो अतिरिक्त बिल वसूले गए हैं, उनका समायोजन आगामी बिलों में किया जाए।उन्होंने कहा कि यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो समाजवादी पार्टी व्यापक आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी। अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली बिल के नाम पर जनता से लिया गया पैसा लूट है, जिसे वापस किया जाना चाहिए।समाजवादी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी द्वारा जारी इस बयान में कहा गया है कि प्रदेश की जनता अब जागरूक हो चुकी है और वह भ्रष्टाचार व अत्याचार के खिलाफ आवाज उठा रही है।
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