– दलालों के जरिए हो रही लूट,भाकियू का प्रदर्शन अल्टीमेटम
सीतापुर 5 मई (आरएनएस)। विकास खण्ड सकरन में संचालित गेहूं क्रय केंद्रों पर भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने इस पूरे मामले को लेकर उपजिलाधिकारी बिसवां को पत्र सौंपते हुए कड़ी चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो किसान सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। भाकियू का आरोप है कि साधन सहकारी समिति महाराजनगर, सांडा, अंदूनसीरपुर सहित अन्य केंद्रों पर पीसीयू के गेहूं क्रय केंद्र संचालित तो किए जा रहे हैं, लेकिन यहां किसानों के साथ खुला खेल हो रहा है। किसान जब अपना गेहूं बेचने पहुंचते हैं तो केंद्र प्रभारी ‘वारदाना (खाली बोरा) नहीं हैÓ कहकर उन्हें लौटा देते हैं। इसी बीच मौके पर सक्रिय दलाल और बिचैलिये किसानों से संपर्क कर उनका गेहूं औने-पौने दाम, करीब 2300 रुपये प्रति कुंतल में खरीद लेते हैं। बाद में यही गेहूं क्रय केंद्रों पर 2585 रुपये प्रति कुंतल के सरकारी रेट पर बेचा जाता है। इस पूरे खेल में किसानों को सीधा नुकसान और बिचैलियों को मोटा मुनाफा हो रहा है। मामले को और गंभीर बनाता है केंद्रों का दूर-दराज संचालन। सांडा का क्रय केंद्र 35 किमी दूर रेउसा ब्लॉक के डलिया में और अंदूनसीरपुर का केंद्र करीब 20 किमी दूर बिसवां गल्ला मंडी में संचालित किया जा रहा है। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे लागत और परेशानी दोनों बढ़ रही हैं। भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष सुशील राज ने प्रशासन को चेताते हुए कहा कि यह सीधा-सीधा किसानों के हक पर डाका है। यदि जल्द ही भ्रष्टाचार पर रोक नहीं लगी और नजदीकी केंद्रों पर गेहूं की तौल शुरू नहीं हुई, तो किसान ब्लॉक मुख्यालय पर अनशन और उग्र प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
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