दुर्गं,05 मई (आरएनएस)। शाम के 6 बजते ही सड़कों का माहौल बदल गयाज् जहां पहले भीड़, शोर और खुलेआम शराबखोरी दिखती थी, वहां अब पुलिस की गाडिय़ों की लाइटें और सख्त निगरानी नजर आने लगीज् दुर्ग पुलिस ने जैसे ही अपना विशेष अभियान तेज किया, वैसे ही अड्डेबाजी और हुड़दंग करने वालों की शामें थम गईं, बाजारों, चौक-चौराहों और संवेदनशील इलाकों में मोबाइल पेट्रोलिंग ने एक-एक को चिन्हित करना शुरू किया, जो भी खुले में शराब पीते, भीड़ बनाकर शांति भंग करते या सड़क को अपना अड्डा बना लेते, उन पर तुरंत कार्रवाई होने लगी, और नतीजा सामने आया—एक ही अभियान में 36(च) आबकारी एक्ट के तहत 51 प्रकरण दर्ज, सुपेला में 12, जामुल में 10, छावनी में 8, कुम्हारी और खुर्सीपार में 4-4, उतई में 3, भिलाई नगर, पुलगांव, वैशाली नगर, दुर्ग और नगपुरा में भी लगातार शिकंजा कसा गया, हर जगह एक ही पैटर्न—पुलिस की एंट्री, संदिग्धों की पहचान, मौके पर कार्रवाई और कानून का सख्त संदेश, यह अभियान सिर्फ दिन में नहीं बल्कि रात 11:30 बजे तक चलता रहा, जहां हर गली, हर चौराहा पुलिस की नजर में था, डायल-112 टीम से लेकर पेट्रोलिंग यूनिट तक सभी एक साथ एक्टिव मोड में नजर आए, किसी को मौका नहीं मिला कि वह कानून को चुनौती दे सके, दुर्ग पुलिस का साफ उद्देश्य था—आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल देना और सार्वजनिक जगहों को अड्डेबाजी से मुक्त करना, यही वजह है कि अब हर संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत एक्शन लिया जा रहा है, और यह अभियान लगातार जारी है, बहरहाल यह साफ हो गया है कि अब सड़कें मौज-मस्ती का अड्डा नहीं बल्कि कानून का क्षेत्र बन चुकी हैं, क्योंकि जो नियम तोड़ेगा वह सीधे कार्रवाई झेलेगा—और याद रखिए, कानून की नजर से बचकर कोई भीड़ ज्यादा देर तक खड़ी नहीं रह सकती।
०००
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

